
नई दिल्ली। गैंगस्टर और नेता मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को संसद की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया है। उनकी संसद सदस्यता 29 अप्रैल से खत्म हुई है। अफजाल को गैंगस्टर अधिनियम के तहत 2007 के एक मामले में दोषी ठहराया गया है। उन्हें चार साल जेल की सजा सुनाई गई है।
2007 में मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। 2022 में उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप तय किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों भाइयों को सजा सुनाई। अफजाल उत्तर प्रदेश के गाजीपुर लोकसभा सीट से बीएसपी के सांसद थे। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत अफजाल की संसद सदस्यता खत्म हुई है। इस अधिनियम के अनुसार दोषी ठहराए जाने और 2 साल या उससे अधिक जेल की सजा सुनाए जाने पर सांसद की संसद सदस्यता खत्म कर दी जाती है।
खत्म हुई थी राहुल गांधी की संसद सदस्यता
हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत संसद की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था। उन्हें मोदी सरनेम मामले में सूरत के कोर्ट ने दो साल जेल की सजा दी थी। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और भाजपा के विक्रम सैनी की संसद सदस्यता खत्म हुई थी।
मऊ सदर से पांच बार विधायक रह चुके हैं मुख्तार अंसारी
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद हैं। वह मऊ सदर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। 2022 में उनकी सीट सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के टिकट पर उनके बेटे अब्बास अंसारी ने जीती थी।
अफजाल अंसारी गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से 5 बार विधायक रहे हैं। वह दो बार सांसद चुने गए। 2004 में पहली बार सांसद बने थे। 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद राय समेत 7 लोगों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में जेल गए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह गाजीपुर लोकसभा सीट से बीएसपी के टिकट पर मैदान में उतरे और जीत हासिल की।
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