
Manipur Illegal migrants deported: मणिपुर में अवैध तरीके से घुसकर रह रहे म्यांमार के 38 अवैध नागरिकों को वापस भेज दिया गया है। सभी अवैध घुसपैठियों को म्यांमार को डिपोर्ट कर दिया गया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने बताया कि 38 अवैध प्रवासियों को म्यांमार को सौंप दिया गया है जबकि एक भारतीय नागरिक को वापस लाया गया है।
मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के हमने अवैध प्रवासियों को म्यांमार को सौंपने का पहले चरण का काम पूरा कर लिया। गुरुवार को अनाधिकृत रूप से रह रहे 38 लोगों को म्यांमार को सौंपा गया। मोरेह की सीमा पर उनको पड़ोसी देश को सौंपा गया। पहले चरण में 77 अवैध प्रवासियों को सौंपा गया है।
सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार, अवैध रूप से रह रहे नागरिकों को लगातार चिंहित करने का काम कर रही है। कुछ प्रवासियों का बायोमेट्रिक डेटा भी मिलान कराया जा रहा है ताकि अवैध निवासियों की पहचान की जा सके। ऐसा अपनी सीमाओं को सुरक्षित और देश को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
मैतेई-कुकी के बीच शुरू हुए खूनी संघर्ष के एक साल पूरा होने के एक दिन पहले म्यांमार को अवैध लोगों को सौंपा गया है। मैतेई द्वारा यह डिमांड किया जा रहा था कि अनाधिकृत चिन-कुकी प्रवासियों को म्यांमार को सौंपा जाए।
म्यांमार के मिलिट्री शासन को आम नागरिकों को न सौंपने की अपील
उधर, म्यांमार के लोकतंत्र समर्थक संस्थाओं ने भारत से अपील की थी कि वह म्यांमार के मिलिट्री शासन को अवैध नागरिकों को न सुपुर्द करे। 2021 में म्यांमार में मिलिट्री शासन है और लाखों लोग लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहे हैं। विभिन्न संस्थाओं ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को भी मानवता के आधार पर कथित अवैध शरणार्थियों को म्यांमार मिलिट्री सरकार को न सौंपने की मांग की लेकिन सरकार ने अपील को अनुसुनी कर दी।
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