
नई दिल्ली। भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने अमेरिकी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे भारतीयों को लेकर रोचक बयान दिया है। उन्होंने कहा है, "अब चुटकुला है, अगर आप भारतीय नहीं हैं तो अमेरिका में CEO नहीं बन सकते।"
एरिक गार्सेटी के इस बयान को केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है, "जब मैं 1980 के दशक के अंत में अपनी उच्च शिक्षा और काम के लिए अमेरिका गया तो भारतीयों को कोडर और मिडिल मैनेजमेंट के रूप में नियुक्त किया जाता था। यह स्थिति दशकों तक बनी रही। 2024 तक हालात काफी बदल गए हैं। भारत अब All Things Tech का घर है। भारतीय दुनिया की लगभग सभी शीर्ष कंपनियों में नेतृत्व पदों पर काबिज हैं। पिछले 10 वर्षों में भारत की विकास गाथा शानदार रही है।"
एरिक गार्सेटी ने दिया था यह बयान
एरिक गार्सेटी ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कहा था, "पुराना चुटकुला था कि यदि आप भारतीय हैं तो अमेरिका में सीईओ नहीं बन सकते। अब चुटकुला यह है कि यदि आप भारतीय नहीं हैं तो अमेरिका में सीईओ नहीं बन सकते। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट या स्टारबक्स, लोग आए और बड़ा बदलाव लाया।"
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गार्सेटी ने कहा कि फॉर्च्यून 500 कंपनियों के 10 सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) में से एक भारतीय अप्रवासी हैं, जिन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की है। अमेरिका सुरक्षित देश है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका में भारतीय छात्रों की भलाई की बहुत परवाह करते हैं। हम भारत के बच्चों को अपने बच्चों की तरह मानते हैं। यूएस में संसाधनों का खजाना है। इससे छात्रों को तैयारी करने में मदद मिलती है।"
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