
अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) छोटी दिवाली के अवसर पर रविवार को अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान 17 लाख दीये जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया गया। भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य राममंदिर बने इसके लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था। नरेंद्र मोदी ने मंदिर निर्माण के लिए कठोर संघर्ष किया था। दीपोत्सव के दौरान इस संघर्ष की यादें भी ताजा हो गईं। नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ-अयोध्या यात्रा की शुरुआत की थी। उस समय वह गुजरात बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी थे। उन्होंने यात्रा का प्रबंधन किया था।
आडवाणी के सारथी थे नरेंद्र मोदी
गौरतलब है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए 1990 में रथ यात्रा शुरू हुई थी। यात्रा भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी निकाल रहे थे। यात्रा के प्रबंधन का जिम्मा नरेंद्र मोदी के हाथ में था। एक तरह से वह आडवाणी के सारथी का रोल नहीं रहे थे। 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ मंदिर से भगवान भोले का आशीर्वाद लेकर नरेंद्र मोदी ने यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद से नरेंद्र मोदी लगातार मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष करते रहे।
इसका शुभ परिणाम भी देखने को मिला। सुप्रीम कोर्ट से मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अगस्त 2020 में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया था। मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। अब वह दिन दूर नहीं है जब देश-विदेश से भक्त इस भव्य मंदिर में भगवान राम का दर्शन करने आएंगे।
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