
मुंबई: एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के पहले दिन अपने विधायकों के साथ मीटिंग की। पवार की मीटिंग के दौरान ही बगावत करने वाले उनके भतीजा व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार पहुंचे। अजीत पवार की अपने चाचा शरद पवार से 24 घंटों में दूसरी मुलाकात है। एक दिन पहले ही शरद पवार से मुलाकात करने के बाद बागी खेमे ने कहा था कि वह लोग चाहते हैं कि पार्टी विभाजित न हो। इसलिए सीनियर पवार से लगातार अनुरोध कर रहे हैं।
दूसरी मीटिंग के बारे में एनसीपी के बागी नेताओं ने बताया कि हम लोगों ने दुबारा बात की। हमारी बातों को उन लोगों को पूरे ध्यान से सुना लेकिन शरद पवार ने हमें कोई जवाब नहीं दिया। वह बस हम जो कह रहे थे, उसे सुनते रहे और उनसे मिलने के बाद हम वापस जा रहे हैं।
शरद ने कहा-कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे
विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि वह अपनी प्रगतिशील राजनीति को जारी रखेंगे। कभी भी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। पार्टी मीटिंग में शरद पवार खेमे ने एक प्रस्ताव पास किया कि एनसीपी महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष में बैठेगी। इस प्रस्ताव को स्पीकर के पास भेज दिया गया है।
विपक्षी एकता के प्रमुख चेहरा
एनसीपी के 82 वर्षीय नेता शरद पवार लोकसभा चुनाव 2024 के पहले बीजेपी के खिलाफ तैयार हो रहे विपक्षी एकता की कोशिश में लगे नेताओं में प्रमुख चेहरा हैं। हालांकि, बीते दिनों सीनियर पवार को उनके भतीजा ने ही जबर्दस्त झटका दिया। अजीत पवार, एनसीपी से बगावग करते हुए 8 विधायकों के साथ बीजेपी केसाथ हो लिए और महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इसके अलावा सभी 8 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। एनसीपी टूट के बाद दोनों धड़े खुद को असली साबित करने में जुटे हुए हैं। बता दें कि शरद पवार मंगलवार को बेंगलुरू में विपक्षी एकता की दो दिवसीय मीटिंग के दूसरे दिन की मीटिंग में भाग लेने पहुंचेगे। तो दूसरी ओर अजीत पवार, अपने खेमे की ओर से एनडीए की प्रस्तावित मीटिंग में भाग लेने दिल्ली जा रहे।
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