
नई दिल्ली। नीट यूजी 2024 मामले में आज फैसला आने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हो रही है। दो पक्षों की ओर से दलीलें पेश की जा रही हैं। बेहद संवेदनशील नीट मामले में तीन जजों की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। इनमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं से परीक्षा रद्द करने के ठोस कारण देने के कहा गया है। आज सुप्रीम कोर्ट में 40 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।
नीट पर दोबारा जांच की मांग उठाई
नीट पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा ने कहा कि एनटीए ने अभ्यर्थियों को बिना किसी क्राइटेरिया के मनमाने तरीके से ग्रेस मार्क्स दिए हैं। इसी गड़बड़ी को छिपाने के लिए दोबारा से परीक्षा कराई थी। अधिवक्ता ने इस मामले में दोबारा जांच की मांग की लेकिन सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि मामले की दोबारा जांच की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि याचिका दायर करने वाले कितने छात्र थे और इन्हें कितने मार्क्स मिले थे।
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सीजेआई ने पूछा-परीक्षार्थी को सेंटर चुनने का अधिकार है?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने एनटीए से पूछा कि क्या अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र चुनने का भी अधिकार है। इस पर एनटीए ने कहा कि अभ्यर्थी केवल शहर का चुनाव कर सकते हैं जहां पर परीक्षा केंद्र चाहते हैं, लेकिन एग्जाम सेंटर का चुनाव नहीं कर सकते।
याचिकाकर्ताओं ने कहा- एनटीए 100 टॉपर्स की जानकारी दे
सुप्रीम कोर्ट में दी गई दलीलों में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि एनटीए ने कहा था सभी टॉपर्स अलग-अलग शहरों से हैं लेकिन 571 शहरों में परीक्षा आयोजित की गई थी जबकि एनटीए ने सिर्फ 17 टॉपर्स के बारे में जानकारी साझा की है। वह टॉप 100 छात्रों के बारे में बताए ताकि पता चले कि वे अलग शहरों से हैं या नहीं।
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