
नई दिल्ली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि निर्भया कांड के चार मुजरिमों में से दो के वकील व्यवस्था का ‘मजाक’ बना रहे हैं और उन्हें फांसी देने में देरी करने के लिए ‘रणनीति’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आप नेता का बयान ऐसे समय में आया है जब वकील ए पी सिंह ने यह आरोप लगाते हुए दिल्ली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया कि तिहाड़ जेल प्रशासन अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन सिंह (25) के लिए सुधारात्मक याचिका दायर करने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं दे रहा है।
सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘निर्भया केस में वकील फांसी में देरी करने की रणनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह वह सिस्टम का मज़ाक बना रहे हैं। ’’
उन्होंने लिखा, ‘‘ हमें त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करना होगा जिससे न्याय को सक्षम बनाने और सभी खामियों को दूर करने के लिए कानूनों में बदलाव किया जाए। ’’
शीर्ष अदालत ने हाल ही में दो अन्य मुजरिमों --विनय कुमार शर्मा (26) और मुकेश सिंह (32) की सुधारात्मक याचिका खारिज कर दी थी। चारों मुजरिमों को अदालत के आदेश के अनुसार एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर चढ़ाया जाना है।
सोलह दिसंबर, 2012 को दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में 23 वर्षीय एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था और उस पर नृशंस हमला किया था। उसके बाद पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया गया था। कई दिन जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद पीड़िता की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी।
काली घनी और सर्द रात...जब निर्भया की चीखों से गूंज गया पूरा शहर
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