
नई दिल्ली. निर्भया केस के चौथे दोषी पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल किया है। पिटीशन में पवन ने अपनी फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है। बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी देने की तारीख तय की है।
17 फरवरी को सुनाया था फैसला
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 17 फरवरी को चारों दोषियों को फांसी देने के लिए डेथ वॉरंट जारी किया था। निर्भया के चारों दोषियों में दोषी मुकेश, विनय और अक्षय की दया याचिका राष्ट्रपति पहले ही खारिज कर चुके हैं। लेकिन चौथे दोषी पवन ने अभी तक राष्ट्रपति के पास दया याचिका नहीं भेजी है।
एक दोषी की पहले ही चुकी हैं मौत
निर्भया केस में 6 दोषी थे। मुख्य दोषी राम सिंह की जेल में ही मौत हो चुकी है। एक दोषी नाबालिग था, उसे तीन साल की सजा के बाद बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है।
क्या है निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड?
दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
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