
नई दिल्ली. निर्भया के चारों दोषियों को 1 फरवरी की सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाएगा। इससे पहले जेल में डमी फांसी देकर इसका अभ्यास किया जा रहा है। सोमवार को एक बार फिर इसका अभ्यास किया गया। गौरतलब है कि तिहाड़ जेल में अब तक 4 बार डमी फांसी दी जा चुकी है।
अक्षय से परिजनों ने की मुलाकात
सूत्रों ने बताया कि इससे पहले सोमवार दिन में जेल में दोषी अक्षय कुमार सिंह की पत्नी, मां ने उससे मुलाकात की। चारों दोषियों का डेथ वारंट 1 फरवरी सुबह 6 बजे का है, लेकिन सजा को और लंबा लटकाने के लिए इनके वकीलों की कोशिशें लगातार जारी हैं।
13 जनवरी को हुआ था रिहर्सल
इससे पहले 13 जनवरी को भी डमी फांसी का अभ्यास किया गया था। इसमें चार पुतले बनाए गए और उसे फांसी पर लटकाया गया। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, पुतलों का वजन निर्भया के चार दोषियों के वजन से ज्यादा रख कर फांसी की डमी एक्सरसाइज की गई।
तिहाड़ जेल अधिकारी ने बताया कि 2012 के निर्भया गैंगरेप मामले में दोषियों को मिली फांसी की सजा की तैयारी के क्रम में तिहाड़ जेल में डमी ट्रायल किया गया। दोषियों के वजन के अनुसार डमी के पुतलों को मलबे और पत्थर भरकर तैयार किया गया था। जेल अधिकारी ने बताया कि इस ट्रायल के लिए जल्लाद को नहीं बुलाया गया था, लेकिन जेल के एक अधिकारी ने इसका ट्रायल किया।
22 जनवरी को दी जानी थी फांसी
निर्भया की मां आशा देवी ने दोषियों को फांसी पर लटकाने यानी डेथ वारंट जारी करने के लिए दिल्ली के पटियाला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर 7 जनवरी को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर दिया। जिसमें कोर्ट ने निर्भया के चारों दरिंदों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाए जाने का आदेश जारी किया। जिसके बाद दोषियों ने कानूनी दांव पेंच का इस्तेमाल करते हुए तारीख को टलवा दी।
क्या है पूरा मामला
16 दिसंबर, 2012 को 23 वर्षीय निर्भया के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी। मामले में 6 आरोपियों को पकड़ा गया। इन सभी में से एक आरोपी नाबालिग था। उसे जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं, एक अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
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