
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने फांसी को टालने की जुगत में लगे निर्भया के दोषियों को सोमवार को एक और झटका दिया। कोर्ट ने दोषी पवन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने दावा किया था कि वह घटना के वक्त नाबालिग था। अब निर्भया के पिता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है, यह गाइडलाइन तय होनी चाहिए कि दोषी कितनी याचिकाएं दायर कर सकता है। जिससे उनकी बेटी को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
निर्भया के पिता ने कहा, हमें खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने पवन की याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, जब भी याचिका खारिज होती हैं, हमें खुशी मिलती है। लेकिन जैसे ही नई याचिका लगती है, हमारी धड़कन तेज हो जाती है।
'एक-एक करके मिले फांसी'
वहीं निर्भया की मां ने कहा, दोषी फांसी को आगे बढ़ाने के लिए बार-बार याचिकाएं दायर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, दोषियों को एक एक करके फांसी देनी चाहिए, जिससे वे कानून के साथ ना खेल सकें। उन्होंने कहा, मुझे तभी संतुष्टि मिलेगी, जब एक फरवरी को फांसी पर लटकाया जाएगा।
1 फरवरी को होनी है फांसी
इससे पहले पटियाला कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी किया था। अब अब 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। हालांकि, अभी यह तारीख और बढ़ाई जा सकती है। दरअसल, अभी दोषियों के पास कानूनी विकल्प बचे हैं। नियमों के मुताबिक, जब तक कोर्ट में या राष्ट्रपति के पास किसी भी दोषी की याचिका पेंडिंग होगी, तब तक उसे फांसी नहीं हो सकती। इससे पहले 22 जनवरी को फांसी की तारीख तय की गई थी।
7 साल पहले दरिंदगी का शिकार हुई थी निर्भया
16 दिसंबर, 2012 की रात में 23 साल की निर्भया से दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 6 लोगों ने दरिंदगी की थी। साथ ही निर्भया के साथ बस में मौजूद दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी। दोनों को चलती बस से फेंक कर दोषी फरार हो गए थे। 29 दिसंबर को निर्भया ने सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
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