राज्यसभा में हंगामा, विपक्ष का वाकआउट: ऑपरेशन सिंदूर पर बयान देने पीएम मोदी के नहीं आने पर विपक्ष नाराज, कहा-सदन का अपमान

Published : Jul 30, 2025, 07:09 PM ISTUpdated : Jul 30, 2025, 07:40 PM IST
Rajya Sabha Operation Sindoor

सार

Opposition walkout Rajya Sabha:  राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बुधवार को चर्चा हुई। चर्चा के अंत में जब सत्ता पक्ष की ओर से गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने आए तो पीएम मोदी के नहीं आने पर विपक्ष हंगामा करने लगा। विपक्ष ने इसके बाद वॉकआउट कर दिया।

Rajya Sabha demand PM Modi: संसदके उच्च सदन में बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई। चर्चा के अंत में पीएम मोदी को इस मुद्दे पर बोलना था लेकिन उनकी जगह पर गृह मंत्री अमित शाह आए। शाह के संबोधन का विपक्ष ने विरोध किया। विपक्ष, पीएम मोदी को जवाब देने के लिए हंगामा करने लगा। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पहले से ही तय था कि पीएम मोदी आकर सदन में अपना बयान देंगे लेकिन वह नहीं आए। मोदी ने सदन का अपमान किया है।

पीएम मोदी के राज्यसभा में नहीं आने पर क्या बोले खड़गे?

पीएम नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में आकर बयान नहीं देने पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सब सदन के मेंबर्स का ये पहले से डिमांड है कि 16 घंटे चर्चा होने के बाद हमको इस सदन में प्रधानमंत्री आकर, प्रकट होकर अपनी बात रखेंगे और हमने जो भी सवाल उठाए हैं, बहुत से सवाल उनसे संबंधित हैं। मैं ये नहीं कह रहा कि आप सक्षम नहीं हैं। प्रधानमंत्री के रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे हैं, तो ये सदन का अपमान है। सदन का अपमान करना, सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है।

शाह ने राज्यसभा में दिया बयान

अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देते हुए राज्यसभा में कहा कि लश्कर के आउटफिट ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसी दिन मैं वहां पहुंचा था। रिव्यू मीटिंग में तय हुआ था, उन्हें जल्द से जल्द पकड़िए। परसों ही तीन आतंकवादी, सुलेमान और अफगान और जिबरान को हमारे सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। सुलेमान ए ग्रेड का LeT का आतंकी था। पहलगाम हमले में उसके राइफल से गोलियां चली थीं। सुरक्षाबलों ने उसे कश्मीर छोड़ के भागने नहीं दिया। अफगान और जिबरान भी आला दर्जे के लश्कर आतंकी थे। इससे साफ हो गया है कि पहलगाम हमला लश्कर के इशारे पर ही हुआ। उनको भेजने वाले भी मारे गए और जिन्होंने हमला किया वो भी मारे गए।

अमित शाह का विपक्ष पर हमला

शाह ने कहा कि विपक्ष ने पूछा आतंकी पाकिस्तानी थे, इसका क्या सबूत है। मैं चिदंबरम से पूछना चाहता हूं कि आप किसको बचाना चाहते थे, आपको शर्म नहीं आती। चिदंबरम ने पूरी दुनिया के सामने कांग्रेस की मानसिकता उजागर कर दी। हम वोट बैंक के लिए आतंकियों को नहीं बचाएंगे। अभी-अभी पृथ्वीराज चव्हाण का बयान आया कि ऑपरेशन का नाम धर्म के नाम पर रखने के अलावा इनको कुछ नहीं आता। मैं यहां से चव्हाण जी से कहना चाहता हूं। आप क्या नाम रखना चाहते थे। जवाब दीजिए। ये लोग हर चीज को हिंदू-मुस्लिम एंगल से देखते हैं। अमित शाह ने कहा कि 22 अप्रैल को हमला हुआ। उसी दिन मेरी पीएम से बात हुई। लगभग दो-ढाई बजे मैं वहां गया। वो मेरे जीवन का ऐसा दिन है, जो मैं कभी नहीं भूलूंगा। एक बच्ची, जिसकी शादी 6 दिन पहले हुई थी, वो विधवा हो गई। मैं वो दृश्य नहीं भूल सकता। लोगों को क्यों मारा गया क्योंकि वो संदेश देना चाहते थे कि कश्मीर आतंक से मुक्त नहीं होगा। मैं इस सदन से उन्हें संदेश देता हूं कि कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होकर रहेगा।

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