
Operation Sindoor: भारत की सेनाओं ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाते हुए कई हमले करने की कोशिश की। मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए। लड़ाकू विमान भेजे। भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को नाकाम किया है। पाकिस्तान के एक AWACS विमान और तीन लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी भूमिका निभाई है। यही वजह है कि इसे सुदर्शन चक्र नाम मिला है।
S-400 सतह से हवा में लंबी दूरी तक मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है। इसे रूस के अल्माज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने विकसित किया है। इसे दुनिया का सबसे एडवांस एयर डिफेंस माना जाता है। यह 600km दूर तक ड्रोन, विमान, फाइटर जेट्स, स्टील्थ प्लेन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगा सकता है और उसे ट्रैक कर सकता है। यह 400km दूर तक मार कर सकता है।
हर S-400 स्क्वाड्रन में दो बैटरियां होती हैं। एक बैटरी में छह लॉन्चर होते हैं। इसके साथ ही कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, निगरानी रडार और इंगेजमेंट रडार होते हैं। प्रत्येक बैटरी के पास 128 मिसाइल लॉन्च करने के लिए तैयार रहते हैं।
भारत ने रूस के साथ 2018 में S-400 के पांच स्क्वाड्रन के लिए सौदा किया था। यह डील 35 हजार करोड़ रुपए की थी। भारत के पास इस वक्त S-400 की तीन स्क्वाड्रन हैं। इन्हें सीमा पर तैनात किया गया है।
S-400 से एक बार में 160 टारगेट को ट्रैक किया जा सकता है। यह एक बार में 72 टारगेट को हवा में ही खत्म करने की क्षमता रखता है। S-400 की मिसाइलें 17,000 किमी/घंटा तक रफ्तार से उड़ रही मिसाइलों को रोक सकती हैं। यह 10 मीटर से 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट को हवा में ही खत्म करने की ताकत रखती है।
S-400 के रडार और मिसाइल को ट्रक पर लोड किया गया है। इसके चलते इन्हें कठिन इलाके में भी तैनात किया जा सकता है। S-400 सिस्टम को तैनात करने में कम समय लगता है। सिर्फ 5 मिनट में यह काम शुरू कर देता है। एस 400 को जिस ट्रक पर लगाया गया है वह सड़कों पर 60 किमी/घंटा और ऑफ-रोड पर 25 किमी/घंटा की गति से चल सकता है।
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