
नई दिल्ली. शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का कार्डिएक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। वे 90 साल के थे। पिछले कुछ समय से अपने परिवार के साथ अमेरिका में ही थे। पंडित जसराज का संबंध मेवाती घराने से था। जसराज जब चार साल के थे तभी उनके पिता पण्डित मोतीराम का देहान्त हो गया था। उनका पालन पोषण बड़े भाई पण्डित मणीराम के संरक्षण में हुआ।
- 13 साल पहले नासा ने एक ग्रह का नाम ही पंडित जसराज के नाम पर रखा था। यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय कलाकार थे। खास बात ये थी कि इस गृह का नंबर पंडित जसराज की जन्मतिथि से उलट था।
राष्ट्रपति कोविंद ने जताया दुख
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, संगीत किंवदंती और अद्वितीय शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन से बेहद दुखी हूँ। पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जसराज ने 8 दशकों से भी लंबे करियर में लोगों को अपने संगीत से मंत्रमुग्ध किया। उनके परिवार, दोस्तों और संगीत प्रेमियों के प्रति संवेदनाएं।
सुरों के संसार को जसराज ने अपनी कला से नए शिखर दिए
राजनाथ सिंह ने कहा, सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। मेवाती घराना से जुड़े पंडितजी का सम्पूर्ण जीवन सुर साधना में बीता। सुरों के संसार को उन्होंने अपनी कला से नए शिखर दिए। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
हरियाणा के हिसार में हुआ था जन्म
पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 1930 को हरियाणा के हिसार जिले के गांव पिली मंडोरी में हुआ था। पिता मोतीराम की मृत्यु 1934 में हुई, जब जसराज 4 साल के थे। जसराज ने कुछ साल हैदराबाद में भी बिताया।
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