
नई दिल्ली. भारत के दवाब में झुकते हुए पाकिस्तान सरकार ने खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से हटा दिया है। पाकिस्तान सरकार ने ये अहम फैसला रविवार को करतारपुर कॉरिडोर पर दोनों देशों के बीच होने वाली अहम वार्ता के पहले लिया है। पाकिस्तान के इस फैसले को भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। गोपाल सिंह चावला को करतारपुर कॉरिडोर कमेटी में शामिल करने पर भारत सरकार ने सख्त नाराजगी जताई थी। पिछली बार अप्रैल में भारत ने बैठक को रद्द कर दिया था।
कौन है चावला
गोपाल सिंह चावला आतंकी हाफिद सईद का खास गुर्गा और खालिस्तान समर्थक है। उसके ताल्लुकात जैश सरगना मसूद अजहर से हैं। वह पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई का भी खास है। उसकी पहुंच का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि उससे खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान मुलाकात करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएसआई चावला का इस्तेमाल खालीस्तानी और अलगाववादी भावनाओं को भड़काने के लिए करती रहती है।
भारत ने रद्द कर दी थी वार्ता
करतापुर कॉरिडोर पर भारत- पाकिस्तान की बैठक इस साल के अप्रैल में भी होने वाली थी। लेकिन जब करतार कॉरिडोर की निगरानी के लिए पाकिस्तान ने 10 मेंबर्स की कमेटी का ऐलान किया तो भारत बेहद नाराज हो गया था। इस कमेटी में खालिस्तानी समर्थक गोपाल सिंह चावला, मनिंदर सिंह, तारा सिंह, बिशन सिंह, और कुलजीत सिंह के नाम शामिल थे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर के बहाने घुसपैठ करा सकता है। भारत की नाराजगी के चलते पाकिस्तान ने नयी कमेटी का ऐलान किया। 14 जुलाई को दोनों देशों के बीच वार्ता होनी है।
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