
नई दिल्ली। 22 जनवरी को अयोध्या में बने राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस समारोह का नेतृत्व 86 साल के वैदिक कर्मकांड विद्वान पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित करेंगे।
लक्ष्मीकांत वाराणसी के रहने वाले हैं। उनकी वंशावली 17वीं शताब्दी के प्रसिद्ध काशी विद्वान गागा भट्ट से जुड़ी है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी का राज्याभिषेक कराया था। राम मंदिर में 16 से 22 जनवरी तक प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान किया जाएगा। यह काशी के 40 से अधिक पंडितों द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही वेदों की सभी शाखाओं के 121 विद्वानों को भी बुलाया जाएगा। इस पूरी टीम का मार्गदर्शन पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित करेंगे।
लक्ष्मीकांत दीक्षित यह साधु-संतों का आशीर्वाद है
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए बुलाए जाने पर लक्ष्मीकांत दीक्षित ने कहा, "यह महान साधु-संतों का आशीर्वाद है कि काशी और मुझे राम लला के अभिषेक की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं भगवान राम के आशीर्वाद से अपने कर्तव्यों का पालन करूंगा।"
22 जनवरी को पीएम मोदी करेंगे राम लला की मूर्ति का अभिषेक
राम में 16 जनवरी से अनुष्ठान शुरू होंगे। इन अनुष्ठानों में सर्व प्रायश्चित होम, दशविद स्नान, जलयात्रा, तीर्थ व कलश पूजन और कलश यात्रा शामिल हैं। इसका समापन 22 जनवरी 2024 को होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर में मौजूद रहेंगे और राम लला की मूर्ति का अभिषेक करेंगे।
पूरा होने वाला है मूर्ति निर्माण का काम
अयोध्या के राम मंदिर में भगवान राम के बाल रूप को दर्शाने वाली मूर्ति की स्थापना की जाएगी। मूर्ति निर्माण का काम पूरा होने वाला है। पूरा देश राम मंदिर में होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन का इंतजार कर रहा है। पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित और उनके विद्वानों की टीम के नेतृत्व में राम लला की मूर्ति के अभिषेक से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व की एक गहरी परत जुड़ जाएगी।
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