
Cash for Query case: संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे लेने की कथित आरोपी महुआ मोइत्रा के खिलाफ एथिक्स कमेटी की जांच पूरी होने के बाद गुरुवार को पैनल ने इसको मंजूरी दे दी। जांच रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा के निष्कासन का प्रस्ताव था। जांच रिपोर्ट की मंजूरी के दौरान 6 सदस्य पक्ष में रहे तो 4 मंजूरी के विरोध में रहे। कल इस रिपोर्ट को एंटी करप्शन पैनल को भेजा जाएगा। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था।
निष्कासन की दी गई मंजूरी
महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों की जांच कर रही संसदीय आचार समिति ने संसद से उनके निष्कासन की सिफारिश को मंजूरी दे दी। छह सदस्यों ने सिफारिश के पक्ष में और चार ने इसके खिलाफ मतदान किया। ड्राफ्ट रिपोर्ट में उनके कार्यों को अत्यधिक आपत्तिजनक, अनैतिक, जघन्य और आपराधिक पाते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने का सुझाव दिया गया था। लेकिन विपक्षी सांसदों ने तमाम आपत्तियां जताई थी। मीटिंग में इसको लेकर सुना जाना था। पैनल ने वोटिंग से रिपोर्ट को मंजूरी दी। छह सदस्यों ने रिपोर्ट की सिफारिशों के पक्ष में वोट किया जबकि चार ने खिलाफ वोट किया। अब कमेटी की सिफारिश को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा जाएगा।
कौन हैं महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से 17वीं लोकसभा में सांसद हैं। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1974 को असम के कछार जिले के लबैक में हुआ। उन्होंने कोलकाता में स्कूलिंग की। महुआ मोइत्रा अमेरिकी मल्टीनेशनल इनवेंस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन में इनवेस्टमेंट बैंकर थीं। राजनीति में आने के लिए उन्होंने साल 2009 में नौकरी छोड़ दी, उस वक्त वे लंदन में थीं। महुआ मोइत्रा ने संयुक्त राज्य अमेरिका के मैसाचुसेट्स माउंट होलोके कॉलेज में उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने गणित और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। वे ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की सांसद हैं।
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