महिला आरक्षण बिल का झूठा क्रेडिट ले रही कांग्रेस, जानें अब तक विपक्षी दलों का कैसा रहा रवैया?

Published : Sep 19, 2023, 02:00 PM IST
Women Reservation Bill

सार

संसद के विशेष सत्र के दौरान बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल पास कराने के लिए दृढ़ संकल्प है। इस दौरान कांग्रेस ने कहा कि यह कांग्रेस का लाया बिल है।

Women Reservation Bill. महिला रिजर्वेशन बिल को लेकर कांग्रेस के उस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है, जिसमें कांग्रेस ने कहा कि यह कांग्रेस का लाया हुआ बिल है। अब बीजेपी ने कांग्रेस सरकारों और विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के इस बिल पर पोजीशन को सामने रखा है। बीजेपी ने कहा कि इंडी एलायंस की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस महिला रिजर्वेशन बिल को लेकर कभी गंभीर नहीं रही है।

कांग्रेस ने सिर्फ बात की और कार्रवाई से बचती रही

बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस ने महिला रिजर्वेशन बिल पर सिर्फ जुबानी चर्चा की और कभी भी इसे पास कराने की कोशिश नहीं की गई। सिर्फ वाजपेयी सरकार थी, जिसने संसद मे 6 बार महिला रिजर्वेशन बिल पास कराने की कोशिश की लेकिन बहुमत न होने के कारण वे कामयाब नहीं हुए। 2010 में कांग्रेस मेजोरिटी में थी और वे बीजेपी के सहयोग से बिल पास करा सकते थे लेकिन तब भी उन्होंने सिर्फ जुबानी खानापूर्ति की। कांग्रेस लोकसभा में नाटक करती रही और खुद सोनिया गांधी की पार्टी के लोग इस बिल के खिलाफ रहे।

महिला आरक्षण बिल पर कब क्या हुआ

  • 1998 में लॉ मिनिस्टर थंबी दुरई बिल पेश करने वाले थे, तब आरजेडी मेंबर सुरेंद्र प्रकाश यादव ने बिल की कॉपी ही फाड़ दी थी।
  • आज का विपक्ष जब सत्ता में था तो राज्यसभा आरजेडी के सांसद सुभाष यादव, एलजेपी के साबिर अली, सपा के वीरपाल सिंह यादव, नंद किशोर यादव, अमीर आलम खान और कमाल अख्तर ने बिल के विरोध में कार्यवाही रोकने की कोशिश की। उन्हें सस्पेंड भी किया गया था।
  • 2010 में समाजवादी पार्टी के अबू आजमी ने पार्टी नेताओं के बात बिल की कॉपी तब के मंत्री हंसराज भारद्वाज से छीनने का काम किया था।
  • कांग्रेस के मुस्लिम सांसद जैसे सीके जाफर शरीफ, शकील अहमद खान ने हमेशा महिला आरक्षण का विरोध किया और कार्यवाही में बाधा पहुंचाई।
  • कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने 2010 में यह बात स्वीकार की थी कि उनकी पार्टी के ही कुछ सांसद इस बिल का समर्थन नहीं कर रहे हैं।
  • 1997 में शरद यावद ने लोकसभा में कहा कि कौन महिला है, कौन नहीं है। हम बाल कटी महिलाओं को अलाउ नहीं करेंगे। शरद यादव ने तब पर कटी महिला कहकर उपहास उड़ाया था।
  • मुलायम सिंह यादव ने कहा कि इससे सिर्फ बड़े घर की महिला को फायदा मिलेगा। हमारे गांव की गरीब महिलाओं को नहीं। वे आकर्षक नहीं हो तो बस इतना कहूंगा ज्यादा नहीं...। 1998 में मुलायम सिंह ने जनरल कोटे में मुस्लिम रिजर्वेशन की बात कही।
  • लालू प्रसाद यादव ने भी महिला रिजर्वेशन बिल का हमेशा विरोध किया। 2010 में उन्होंने नीतीश कुमार को भी भला बुरा कहा क्योंकि वे महिला रिजर्वेशन बिल के सपोर्ट में थे। लालू यादव ने तो 1998 में यहां तक कहा कि यह राबड़ी देवी की गर्दन काटने वाले लोग महिलाओं को क्या प्रधानता देंगे। बैकवर्ड क्लास और मॉइनारिटीज को जब तक प्रधानता नहीं, हम इस सहमत नहीं हैं।

अब क्रेडिट लेने की मच रही होड़

बीजेपी ने कहा कि अब जबकि यह ऐतिहासिक बिल पास होने जा रहा है तो कांग्रेस पार्टी क्रेडिट लेने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। जबकि कांग्रेस भूल रही है कि उसके गठबंधन मे शामिल दल इस बिल के विरोधी रहे हैं। जबकि पहली बार यह बिल 1996 में देवेगौड़ा सरकार द्वारा पेश किया गया था। इसके बाद 1998 में वाजपेयी सरकार ने महिला आरक्षण बिल पास कराने की कोशिश की। 2000 से 2004 के बीच एनडीए सरकार ने बिल पास कराने की कोशिशें कीं। 2008-10 के बीच कांग्रेस की यूपीए सरकार यह बिल राज्यसभा में तो ले आई लेकिन लोकसभा में पास कराने का काम नहीं किया गया।

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