संसद का शीतकालीन सत्र: हंगामे के बीच नए विधेयकों पर क्या होगा फैसला?

Published : Nov 24, 2024, 11:25 PM IST
Parliament

सार

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू, अडानी, मणिपुर जैसे मुद्दों पर हंगामे की संभावना। 19 बैठकों में कई नए और लंबित विधेयक पेश किए जाएंगे।

Parliament Winter session 2024: 18वीं लोकसभा के पहले शीतकालीन सत्र का आगाज सोमवार को 25 नवम्बर को होने जा रहा है। 20 दिसंबर तक के चलने के आसार हैं। शीतकालीन सत्र के पहले दिन अडानी मुद्दे, दिल्ली प्रदूषण और अशांत मणिपुर को लेकर हंगामा का आसार है। सत्र शुरू होने के पहले रविवार को पारंपरिक सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं ने औपचारिक चर्चा की है। इस सत्र में 19 बैठकें होंगी जिसमें कई नए और तमाम लंबित विधेयकों को पास कराया जा सकता है। संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर 26 नवम्बर को दोनों सदनों की एक संयुक्त बैठक भी तय है।

शीतकालीन सत्र में 18 विधेयकों को पेश या पास कराया जाना है...

शीतकालीन सत्र में पांच नए विधेयक पेश किए जाएंगे। इसमें कोस्टल शिपिंग बिल, इंडियन पोर्ट्स बिल, मर्चेंट शिपिंग बिल, पंजाब कोर्ट्स अमेंडमेंट बिल, राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय बिल शामिल है। जबकि इस सत्र में 13 लंबित विधेयक भी लाया जाएगा। लंबित विधेयकों में वक्फ (संशोधन) विधेयक, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, बैंकिंग कानून (संशोधन) बिल, रेलवे (संशोधन) विधेयक, समुद्र से माल ढुलाई बिले, गोवा विधानसभा में एसटी रिजर्वेशन का रिएडजस्टमेंट बिल, भारतीय वायुयान विधेयक 2024 जोकि एयरक्रॉफ्ट एक्ट 1934 को रिप्लेस करेगा, बिल्स ऑफ लैडिंग्स बिल 2024, तेलक्षेत्र संशोधन बिल 2024, बॉयलर्स बिल 2024 आदि शामिल है।

सरकार ने विपक्ष से किया अपील

विपक्ष ने केंद्र से अडानी समूह के खिलाफ अमेरिकी अभियोजकों के रिश्वतखोरी के आरोपों पर संसद में चर्चा की अनुमति देने को कहा है। संसद सत्र में मणिपुर में हिंसा का मुद्दा भी उठने की उम्मीद है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदनों की कार्यवाही सलाहकार समितियों, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति की सहमति से होती है। वह ही निर्णय लेते हैं कि किन मामलों पर चर्चा होगी और किस पर नहीं। रिजिजू, विपक्ष द्वारा अडानी व मणिपुर को लेकर चर्चा की मांग पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उधर, सत्तापक्ष के सहयोगी लोकजनशक्ति पार्टी के चीफ व्हिप अरुण भारती ने बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को स्पेशल पैकेज की मांग की है। जबकि कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस उत्तर भारत में गंभीर वायु प्रदूषण, मणिपुर की स्थिति जोकि नियंत्रण से बाहर है, ट्रेन हादसों जैसे मुद्दों पर चर्चा चाहती है।

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