लद्दाख को चीन का हिस्सा बताने को लेकर ट्विटर के जवाब से संतुष्ट नहीं संसदीय समिति, फिर मांगा जवाब

Published : Oct 28, 2020, 03:00 PM ISTUpdated : Oct 28, 2020, 03:34 PM IST
लद्दाख को चीन का हिस्सा बताने को लेकर ट्विटर के जवाब से संतुष्ट नहीं संसदीय समिति, फिर मांगा जवाब

सार

भारत के लद्दाख को चीन का हिस्सा बताए जाने को लेकर ट्विटर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रहीं है। बुधवार को भाजपा सांसद और डेटा सुरक्षा की संसदीय समिति अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है।

नई दिल्ली. भारत के लद्दाख को चीन का हिस्सा बताए जाने को लेकर ट्विटर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रहीं है। बुधवार को भाजपा सांसद और डेटा सुरक्षा की संसदीय समिति अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है। पीटीआई से बात करते हुए मीनाक्षी ने कहा,  भारतीय हिस्से को चीन के हिस्से के रूप में दिखाए जाने को लेकर ट्विटर ने जो स्पष्टीकरण दिया था, वो अपर्याप्त है। 

भारत की संप्रभुता और अखंडता का अपमान कियाः मीनाक्षी

मीनाक्षी ने कह, ट्विटर ने ऐसा करके भारत की संप्रभुता और अखंडता का अपमान किया है। ट्विटर ने भारत के डेटा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है जिसके तहत उसके अधिकारियों को 7 साल की कैद भी हो सकती है। दरअसल, ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने 18 अक्टूबर को लद्दाख की राजधानी लेह स्थित वॉर मेमोरियल पर आयोजित कार्यक्रम को कुछ पत्रकारों की ओर से लाइव किए जाने के बाद ट्विटर ने यह गलती की थी। इस हरकत के बाद से ही इंटरनेट पर लोगों में गुस्‍सा देखने को मिला।  हालांकि, ट्विटर इंडिया ने अपनी सफाई में कहा था कि समस्या हल कर दी गई है। 

सरकार ने लिखा था ट्विटर को पत्र

केंद्र सरकार की संसदीय समिति ने 22 अक्टूबर को ट्विटर इंडिया को एक पत्र लिखकर ट्विटर सीईओ जैक डौरसी को भारत की संप्रभुता और भारतीयों की भावनाओं का सम्मान करने को कहा था। सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यह हरकत बर्दाश्त के बाहर है। भारतीय कानून का उल्लंघन और देश की संप्रभुता और अखंडता से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।

क्या कहा था ट्विटर ने अपनी सफाई में?

ट्विटर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा था, 'हम रविवार को हुई इस तकनीकी समस्‍या से अवगत हैं। हम इसको समझते हैं और इसकी संवेदनशीलता का सम्‍मान करते हैं। हमारी टीम ने इसकी जांच की और जियोटैग की इस समस्‍या को अब हल कर लिया गया है। हालांकि, माफी नहीं मांगी है।

ट्विटर अधिकारियों की गिरफ्तारी की उठी थी मांग

देश के लिए शहीद होने वालों जवानों की याद में बने हॉल ऑफ फेम मेमोरियल से लेखकर और राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक नितिन गोखले ने ट्विटर पर लाइव ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की थी। वीडियो में जो लोकेशन टैग दिखाया गया वह था, 'जम्मू-कश्मीर, पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना।' गोखले और अन्य ट्विटर यूजर्स ने तुरंत इस गलती को ट्विटर और ट्विटर इंडिया के आधिकारिक हैंडल्स पर शिकायत की। हालांकि, किसी भी अकाउंट से कोई उत्तर नहीं दिया गया। इस मामले में कुछ लोगों ने तो ट्विटर के अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग भी की थी।

OR फाउंडेशन के कंचन गुप्ता ने उठाया था मुद्दा

ट्विटर की इस हरकत के बाद इस मुद्दे को ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के कंचन गुप्ता ने उठाया। कंचन गुप्ता ने ट्वीट में लिखा, 'ट्विटर ने अब भूगोल बदलने का फैसला कर लिया है। इसने जम्मू-कश्मीर को चीन का हिस्सा घोषित कर दिया है। यह भारतीय कानूनों का उल्लंघन नहीं है तो क्या है? क्या अमेरिकी कंपनी भारतीय कानून से ऊपर है?'

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