
नई दिल्ली: केंद्रिय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रस्तावित व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर रीजनल कंप्रेहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप (आरसीईपी) और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) आरईसीपी पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि संप्रग सरकार में ही भारत इस समझौते के लिए बात-चीत में शामिल हुआ था।
ट्वीट कर दागे सवाल
गोयल ने ट्वीट कर पूछा, ‘‘सोनिया गांधी जी आरसीईपी और एफटीए को लेकर अचानक जाग गई हैं। जब आसियान के साथ एफटीए पर 2010 में हस्ताक्षर हुए थे, तब वह कहां थीं? जब दक्षिण कोरिया के साथ एफटीए पर 2010 में हस्ताक्षर हुए थे, तब वह कहां थीं? जब मलेशिया के साथ एफटीए पर 2011 में हस्ताक्षर हुए थे, जब जापान के साथ 2011 में एफटीए पर हस्ताक्षर हुए थे, तब वह कहां थीं?’’
कांग्रेस सरकार ने अमीर देशों को दी भारी छूट- गोयल
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वह तब कहां थी जब उनकी सरकार ने आसियान देशों के लिए अपना 74 प्रतिशत बाजार खोल दिया था लेकिन इंडोनेशिया जैसे अमीर देशों ने भारत के लिए केवल 50 प्रतिशत बाजार खोला था? वह अमीर देशों को भारी छूट देने के खिलाफ क्यों नहीं बोलीं?’’ गोयल ने ट्वीट किया,‘‘ उस समय सोनिया जी कहां थी, जब उनकी सरकार 2007 में भारत-चीन एफटीए पर विचार करने पर सहमत हुई थीं? मुझे उम्मीद है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ़ मनमोहन सिंह उनके इस अपमान के खिलाफ बोलेंगे।’’
सोनिया ने एशिया-प्रशांत के 16 देशों के साथ प्रस्तावित आरसीईपी समझौते का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘सरकार के कई निर्णयों से अर्थव्यवस्था को क्या कम नुकसान नहीं हुआ था कि अब वह आरसीईपी के माध्यम से बड़ा नुकसान पहुंचाने की तैयारी में है। इससे हमारे किसानों, दुकानदारों, लघु एवं मध्यम इकाइयों पर गंभीर दुष्परिणाम होंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम अब ‘फेसलेस’ कर आकलन शुरू कर रहे हैं, जिससे किसी तरह के उत्पीड़न या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होगी।’’
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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