
नई दिल्ली। यूक्रेन में फंसे छात्रों का मुद्दा (Ukraine issue) बड़ा होता जा रहा है। मंगलवार को कर्नाटक के छात्र नवीन की मौत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार शाम उच्चाधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में यूक्रेन में फंसे छात्रों को निकालने और वहां के हालातों को लेकर एक्शन प्लान पर चर्चा होगी। इससे पहले भी पीएम मोदी दो बार हाई लेवल मीटिंग कर चुके हैं। उन्होंने छात्रों को वापस लाने को सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता बताया था। उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चौबीस घंटे काम हो। उधर, भारतीय नागरिकों को लेकर 'ऑपरेशन गंगा' की विशेष उड़ान रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। इससे पहले सात उड़ानों से भारतीय छात्रों और नागरिकों को वापस लाया जा चुका है।
पीएम ने नवीन के परिजनों से की बात
कर्नाटक के छात्र की यूक्रेन में मौत के बाद सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि मैं नवीन के परिवार को जानता हूं। वे मेरे बहुत करीब हैं। पीएम ने परिवार से बात की थी. हम शव को भारत वापस लाने की पूरी कोशिश करेंगे। मैंने पीएमओ और विदेश मंत्रालय से हमारी मदद करने का अनुरोध किया है। बोम्मई ने बताया कि नवीन के साथ दो लोग थे। इनमें से एक घायल भी हो गया। वे हावेरी जिले के चालगेरी और राणेबेन्नूर तालुक से हैं।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि पीएम मोदी ने मीटिंग की की शुरुआत यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की दुखद मौत पर गहरा खेद और शोक व्यक्त किया। पीएम ने मीटिंग में कहा कि हम खार्किव और अन्य क्षेत्रों की स्थिति के बारे में बहुत चिंतित हैं जो वर्तमान में संघर्ष क्षेत्र में हैं। साथ ही सबको आदेश दिया कि भारतीय छात्रों को वापस लाने में किसी प्रकार की देरी न की जाए। टीम बनाकर 24 घंटे काम हो, एक-एक छात्र की हिफाजत होनी चाहिए।
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