
नई दिल्ली. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देशभर में 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। कोरोना वायरस (Coronavirus) को खत्म करने के लिए वैक्सीन (Covid Vaccine) अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार को 7 वैक्सीन निर्माताओं से बाचतीच की। इस दौरान उन्होंने भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने वैक्सीन निर्माताओं के प्रयासों की प्रशंसा की जिसके परिणामस्वरूप देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल किया। उन्होंने कहा- भारत की सफलता की कहानी में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने महामारी के दौरान उनकी कड़ी मेहनत और उनके द्वारा दिए गए आत्मविश्वास की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान सीखी गई सर्वोत्तम प्रथाओं को संस्थागत बनाने की जरूरत है, यह वैश्विक मानकों के अनुरूप हमारी प्रथाओं को संशोधित करने का एक अवसर है। पीएम ने कहा- वैक्सीनेशन अभियान की सफलता की पृष्ठभूमि में पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए वैक्सीन निर्माताओं को लगातार मिलकर काम करना चाहिए।
घरेलू वैक्सीन निर्माताओं ने टीकों के विकास की दिशा में निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करने में प्रधान मंत्री के दूरदर्शिता और गतिशील नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच पहले कभी नहीं देखे गए सहयोग की भी प्रशंसा की और इस पूरे प्रयास में नियामक सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं, समय पर अनुमोदन, और सरकार की आगामी और सहायक प्रकृति की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन निर्माताओं से उनके अनुभव जानें और वैक्सीन रिसर्च को आगे बढ़ाने जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक भारत के कोविड वैक्सीन की 100 करोड़ डोज लगाने की उपलब्धि के मौके पर हुई। भारत 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने वाला दूसरा देश बन गया है। भारत से ज्यादा वैक्सीन डोज सिर्फ चीन में लगी हैं। पीएम वैक्सीन निर्माताओं के अनुभवों का जायजा लिया और साथ ही वैक्सीन अनुसंधान को आगे बढ़ाने जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी से इस मुलाकात में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक, डा. रेड्डीज लेबोरेटरीज, जाइडस कैडिला, बॉयोलॉजिकल ई, जेन्नोवा बायोफार्मा और पेनेसिया बायोटेक के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में कंपनियों के सीईओ मौजूद थे।
बैठक के बाद किसने क्या कहा
जाइडस कैडिला के पंकज पटेल ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने टीके विकसित किए, उसके लिए सबसे बड़े कारक प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने शुरू से हमें प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि आप करो, सरकार आपके साथ है। आपको जहां भी असुविधा होगी, सरकार आपको सहयोग करेगी। इसी वजह से हम टीके विकसित कर पाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में नवोन्मेष का जो नया अध्याय आरंभ हुआ है, वह बहुत तेजी से बढ़ेगा और भारत एक नवोन्मेषी राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
सीरम इंस्टीट्यूट के साइरस पूनावाला ने कहा कि उनके मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अगर स्वास्थ्य मंत्रालय का नेतृत्व ना किया होता तो आज भारत टीकों की एक सौ करोड़ खुराक नहीं उपलब्ध करा पाता। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह पिछले साल नवंबर में पुणे आए थे तो मैंने उन्हें आश्वस्त किया था कि टीकों के मामले में हम भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे और दुनिया का सबसे सस्ता टीका विकसित करेंगे। आज वह बहुत खुश थे कि उस आश्वासन को हमने पूरा किया है।
सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने भी पीएम मोदी की कोशिश की सराहना की। अदार पूनावाला ने कहा, बैठक में हमने भविष्य की महामारियों को लेकर चर्चा की। कैसे उद्योग को आगे बढ़ाया जाए, क्षमता को बढ़ाना जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी सरकार वैक्सीन उद्योग का समर्थन करेगी।
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