
PM Modi launched National Logistics Policy: पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर देश को एक और पॉलिसी की सौगात दी है। प्रधानमंत्री ने नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को शनिवार को लांच किया है। इस लांच के मौके पीएम मोदी ने कहा कि यह नीति विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह नीति हर क्षेत्र के लिए नई उर्जा और संभावनाएं लाएगी। लांच कार्यक्रम में कामर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल, केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।
हर ओर मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की गूंज
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में देश अब विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण कदम हैं। देश अब बड़े निर्यात के लक्ष्य का निर्धारित कर रहा है और उनको पूरा भी कर रहा है। पीएम ने कहा कि भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय रसद नीति सभी क्षेत्रों के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है। दुनिया ने भारत को मैन्युफैक्चरिंग में लीडर के रूप में स्वीकार किया है। राष्ट्रीय रसद नीति ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मदद की है।
क्या होगा लॉजिस्टिक्स पॉलिसी से लाभ
लॉजिस्टिक्स नीति का उद्देश्य लॉजिस्टिक लागत को कम करना और वैश्विक बाजार में घरेलू सामानों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करना है। भारत, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 13 से 14 प्रतिशत लॉजिस्टिक्स कॉस्ट पर खर्च करता है। जबकि जर्मनी और जापान जैसे देश अपनी जीडीपी का लगभग आठ से नौ प्रतिशत ही खर्च करते हैं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 सहयोगी सरकारी एजेंसियां (पीजीए), 37 एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, 500 सर्टिफिकेशन्स, 10,000 से अधिक कमोडिटिज और 160 अरब डॉलर का बाजार है। विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स इंडेक्स 2018 डेटा के अनुसार भारत लॉजिस्टिक्स में 44 वें स्थान पर है। देशभर में लॉजिस्टिक्स की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस नीति से पीएम की महत्वाकांक्षी गतिशक्ति मास्टर प्लान को भी जोड़ा जाएगा। भारत में पिछले कई सालों से लॉजिस्टिक्स पॉलिसी पर काम चल रहा था। सरकार का कहना है कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी के लागू होने के बाद इसके घटाकर जीडीपी का 8 प्रतिशत करने पर विचार है।
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