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किंग चार्ल्स III को अब पासपोर्ट-लाइसेंस की कोई जरुरत नहीं, रॉयल फैमिली हेड कैसे करता है विदेश यात्रा?

King Charles III new Emperor: महारानी एलिजाबेथ का निधन गुरुवार को होने के बाद उनके उत्तराधिकारी बेटे प्रिंस चार्ल्स को किंग घोषित कर दिया गया है। किंग चार्ल्स को अब अनोखी सुविधाएं मिल जाएंगी। किंग, साल में दो बार जन्मदिन भी मनाएंगे।

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First Published Sep 9, 2022, 5:53 PM IST

British Kingdom King Life: महारानी एलिजाबेथ II का निधन गुरुवार को 96 साल की आयु में हो गया। महारानी के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स को किंग बना दिया गया। ब्रिटेन के नए राजा किंग चार्ल्स III के राजगद्दी संभालते ही उनको तमाम विशेष सुविधाएं हासिल हो गई जो दुनिया के किसी भी व्यक्ति को हासिल नहीं है। किंग चार्ल्स III अब ओवरसीज बिना किसी पासपोर्ट के ट्रेवल कर सकेंगे साथ ही उनको गाड़ी चलाने के लिए किसी भी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। आईए जानते हैं किंग चार्ल्स III की ताजपोशी के बाद कौन कौन सी अल्ट्रा स्पेशल सुविधाएं मिल जाएंगी।

अब न लाइसेंस की आवश्यकता न ही पासपोर्ट कोई मांगेगा

अब किंग चार्ल्स III को पासपोर्ट की जरुरत ही नहीं होगी। अगर किंग को कहीं भी विदेश यात्रा पर जाना होगा तो वह बिना पासपोर्ट के यात्रा कर सकेंगे। रॉयल किंग पर यह इसलिए लागू होगा क्योंकि देश में सारे पासपोर्ट किंग के नाम पर ही जारी होते हैं। ऐसे में उनको पासपोर्ट की जरुरत ही नहीं। इसी तरह किंग चार्ल्स इंग्लैंड के एकलौते व्यक्ति होंगे जिनको ड्राइविंग के लिए भी लाइसेंस ही आवश्यकता नहीं होगी। वह बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही गाड़ी चला सकेंगे।

दरअसल, ब्रिटेन में पासपोर्ट, लाइसेंस या किसी अन्य दस्तावेज को जारी करते हुए इसके लिए राजा से इसके लिए अनुरोध किया जाता है। प्रत्येक दस्तावेज की प्रस्तावना में यह साफ तौर पर इंगित होता है कि यह महाराजा की सहमति पर यह जारी किया जा रहा है। इसी कारण से राजा बिना की दस्तावेज के गाड़ी चलाने का हकदार है। प्रत्येक दस्तावेज़ में प्रस्तावना में यह लिखा होता... His Britannic Majesty's Secretary of State requests and requires in the name of His Majesty all those whom it may concern to allow the bearer to pass freely without let or hindrance and to afford the bearer such assistance and protection as may be necessary. 

ब्रिटेन का सम्राट मना सकता साल में दो बार जन्मदिन

ब्रिटेन के राजशाही परिवार में राजगद्दी संभालने वाला साल में दो बार जन्मदिन मनाता है। एक वह अपना असली जन्मदिन मनाता है जो निजी तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। दूसरा, आमजन के लिए अधिकारिक बर्थडे मनाया जाता है। इसमें आम लोग जुटते हैं और कई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। चार्ल्स की मां, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के दो जन्मदिन थे। महारानी का वास्तविक जन्मदिन 21 अप्रैल था। लेकिन महारानी के जन्मदिन का अधिकारिक सार्वजनिक उत्सव के लिए जून के दूसरे मंगलवार को यह कार्यक्रम मनाया जाता रहा है। चूंकि, किंग चार्ल्स का जन्मदिन भी 14 नवम्बर को सर्दियों की शुरुआत में है तो यह संभावना है कि वह अपना अधिकारिक जन्मदिन, किसी गर्म दिन में बनाएं।

रॉयल फैमिली का यह सार्वजनिक उत्सव- द ट्रूपिंग द कलर (The Trooping the colour) के नाम से जाना जाता है। यह परंपरा 250 साल पुरानी परंपरा है। जन्मोत्सव के दौरान सैन्य प्रदर्शन होते हैं। इसमें 1,400 से अधिक सैनिक, 200 घोड़े और 400 संगीतकार शामिल हैं। रॉयल एयर फोर्स अंत में फ्लाई पास्ट करती है और इसी के साथ कार्यक्रम खत्म होता है। शाही परिवार के सदस्य लंदन के बकिंघम पैलेस की बालकनी से इसका लुत्फ उठाते हैं।

महाराजा वोट नहीं डालता

ब्रिटेन का सम्राट वोट नहीं करता है। न ही वह चुनाव के लिए कभी खड़ा होता है। ब्रिटेन की रॉयल फैमिली के हेड के रूप में वह पूरी तरह से न्यूट्रल रहते हैं। यानी किंग चार्ल्स, ब्रिटेन के राजनीतिक मामलों में न्यूट्रल रहेंगे। हालांकि, वह संसदीय सत्रों के उद्घाटन में औपचारिक रूप से शामिल होते हैं। किंग, संसद में कानून को मंजूरी देने के साथ ही यूके के पीएम के साथ साप्ताहिक मीटिंग्स भी करते हैं। एक तरह से ब्रिटेन पर किंग का ही शासन होता है। 

केवल लोगों का ही शासक नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं का भी राजा

ब्रिटिश सम्राट केवल लोगों पर ही शासन नहीं करता है बल्कि उसके क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक जीव-जंतुओं का भी वह राजा होता है। 12वीं शताब्दी के बाद से इंग्लैंड व वेल्स में खुल पानी में रहने वाले हंसों को भी रॉयल किंग की संपत्ति माना जाता है। हर साल थेम्स नदी (Themes RIver) में इन हंसों (Swan) की गिनती की जाती है। हालांकि, अब तो इनका संरक्षण किया जाता है। इसी तरह पानी में रहने वाली डॉल्फिन, व्हेल, स्टर्जन आदि को रॉयल असेट ही माना जाता है।

रॉयल पोएट की नियुक्ति

किंग अपने लिए एक कवि की नियुक्ति करता है। यह नियुक्ति हर 10 साल में एक बार की जाती है। इन दस सालों में वह सम्राट के लिए कविताएं, छंद विभिन्न अवसरों के लिए लिखता है। यह परंपरा 17वीं सदी से चली आ रही है। 2009 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कैरल एन डफी को राज कवि नियुक्त किया था। वह शाही परिवार की पहली महिला कवि थीं। डफी ने 2011 में प्रिंस विलियम की शादी में कविता लिखी थी। इसके अलावा 2013 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक की 60वीं वर्षगांठ और 2018 में प्रिंस हैरी की शादी के लिए भी कविताएं लिखी थीं।

शाही वारंट के बारे में क्या जानते हैं?

किंग द्वारा परंपरागत रूप से शाही वारंट जारी करता है। शाही वारंट बेहद सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। सम्राट या महारानी को जो भी बिजनेस हाउस, मॉल या बिजनेसमैन अपनी सेवाएं देता है या शाही परिवार जिनसे सामान खरीदता है, उनको शाही वारंट जारी करता है। शाही वारंट का मतलब है कि राजशाही के लिए वह सामान सप्लाई करता है या सर्विस देता है। शाही वारंट जारी होने के बाद उस प्रतिष्ठान की बिक्री भी बढ़ जाती है और वह सम्मान के नजरिए से देखा जाता है। जिनको शाही वारंट जारी होता है, वह शाही हथियारों का भी उपयोग कर सकते हैं। ब्रिटेन में रॉयल वारंट वाली कंपनियों में जगुआर कार, लैंड रोवर, बरबेरी, कैडबरी, सैमसंग, वेट्रोज सुपर मार्केट शामिल है।

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