मन की बात में पीएम मोदी का संदेश, त्योहारों का आनंद तभी है जब हम दूसरों के यहां का अंधेरा हटाएं

Published : Sep 29, 2019, 11:21 AM ISTUpdated : Sep 29, 2019, 11:36 AM IST
मन की बात में पीएम मोदी का संदेश, त्योहारों का आनंद तभी है जब हम दूसरों के यहां का अंधेरा हटाएं

सार

दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने चौथी बार मन की बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'साथियों आज की मन की बात में देश की महान शख्सियत की बात करुंगा। हमारे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। शायद ही देश का कोई नागरिक होगा जो उनके प्रति सम्मान न रखता हो। हम उन्हें दीदी कहते हैं।

नई दिल्ली. दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने चौथी बार मन की बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'साथियों आज की मन की बात में देश की महान शख्सियत की बात करुंगा। हमारे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। शायद ही देश का कोई नागरिक होगा जो उनके प्रति सम्मान न रखता हो। हम उन्हें दीदी कहते हैं। वे इस 28 सितंबर को 90 साल की हो गई हैं। विदेश यात्रा पर निकलने से पहले मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे छोटा भाई बड़ी बहन से बात कर रहा हो। मैं चाहता हूं आज आप हमारी बात को सुने। सुनें कि कैसे लता दीदी देश की तमाम बातों के लिए उत्सुक हैं।'

इसके बाद पीएम मोदी ने नवरात्रि के बारे में बात करते हुए कहा कि,'नवरात्री के साथ त्योहारों का सीजन नई उमंग से भर जाएगा। देशभर में त्योहारों की रौनक रहेगी। हम सभी गरबा, दुर्गापूजा , दशहरा , दीवाली, भैयादूज, छठ पूजा समेत अनगिनत त्योहार मनाएंगे। आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। सभी लोग साथ आएंगे। 

इसी को कहते हैं चिराग तले अंधेरा-पीएम
उन्होंने कहा आपने देखा होगा कि हमारे आसपास कई लोग हैं जो इस खुशी से दूर रह जाते हैं। इसी को कहते हैं चिराग तले अंधेरा। एक तरफ कुछ घर रोशनी से जगमगाते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों के घरों में अंधेरा छाया होता है। कुछ घरों में मिठाई खराब होती हैं तो कुछ घरो में लोग मिठाई को तरसते हैं। क्या इसे चिराग तले अंधेरा नहीं कहेंगे। इन त्योहारों का असली आनंद तभी है जब यह अंधेरा हटे। हम वहां भी खुशियां बांटें जहां अंधेरा हो। जब हमारे घर में चीजें आएंगी तो हम डिलीवरी आउट के बारे में भी सोचें। हमारे यहां जो चीजें ज्यादा हैं उनकी डिलीवरी आउट के बारे में हमें सोचना चाहिए। कुछ एनजीओ गुमनाम तरीके से यह चीजें गरीबों तक पहुंचाते हैं। क्या हम इस चिराग तले अंधेरे को हटा सकते हैं।

हमारी संस्कृति में बेटियों को लक्ष्मी माना-पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा "दीपावली में सौभाग्य और समृद्धि के रूप में यह लक्ष्मी का स्वागत है। हमारी संस्कृति में बेटियों को लक्ष्मी माना गया है। क्या इस बार हम अपने समाज में बेटियों के सम्मान के कार्यक्रम रख सकते हैं। हमारे यहां कई बेटियां होंगी जो अपने परिवार, समाज का नाम रोशन कर रही होंगी। हमारे पास कई बेटियां बहुंए ऐसी होंगी जो असाधारण काम कर रही होंगी। कोई बच्चों की शिक्षा तो कोई डॉक्टर, इंजीनियर बन कर समाज की सेवा कर रही होगी।  या स्वच्छाता के बारे में जागरुकता फैला रही होगी। हमारा समाज इनका सम्मान करे। इन बेटियों की उपलब्धियों के बारे में सोशल मीडिया में शेयर करें। हैशटैग के साथ शेयर करें। हैशटैग भारत की लक्ष्मी। जैसे हम सबने मिलकर एक महा-अभियान चलाया था सेल्फी विद डॉटर। उसी तरह, इस बार हम अभियान चलायें #भारत की लक्ष्मी।"

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