कुछ दिन तो गुजारो सोमनाथ में: दुनिया में मची हिंसा के बीच PM बोले-संहार में भी सृजन को जन्म देते हैं शिव

Published : Aug 20, 2021, 09:30 AM ISTUpdated : Aug 20, 2021, 12:30 PM IST
कुछ दिन तो गुजारो सोमनाथ में: दुनिया में मची हिंसा के बीच PM बोले-संहार में भी सृजन को जन्म देते हैं शिव

सार

PM modi  ने महीनेभर में दूसरी बार गुजरात को कई सौगातें दी। आज मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सोमनाथ से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की नींव रखी और उद्घाटन किया।

नई दिल्ली. विकास (development) के मामले में गुजरात दुनिया के कई विकसित शहरों को मात देता है। अमिताभ बच्चन ने यहां के टूरिज्म के लिए एक एड बनाया था। इसका स्लोगन था-कुछ दिन तो गुजारो गुजरात में। गुजरात को पर्यटन और विकास के अन्य मामलों में और बेहतर बनाने की दिशा में आज एक नई पहल हुई। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से सोमनाथ में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

शिव ही हैं, जो विनाश में विकास का बीज अंकुरित करते हैं
मोदी ने कहा-ये शिव ही हैं जो विनाश में भी विकास का बीज अंकुरित करते हैं, संहार में भी सृजन को जन्म देते हैं। इसलिए शिव अविनाशी हैं, अव्यक्त हैं और अनादि हैं। शिव में हमारी आस्था हमें समय की सीमाओं से परे हमारे अस्तित्व का बोध कराती है।

सोमनाथ की दिव्यता और बढ़ेगी
प्रधानमंत्री ने कहा-सोमनाथ आने वाले श्रद्धालु अब यहां जूना सोमनाथ मंदिर के भी आकर्षक स्वरूप का दर्शन करेंगे, नए पार्वती मंदिर का दर्शन भी करेंगे। इससे यहां नए अवसरों और नए रोजगारों का भी सृजन होगा और स्थान की दिव्यता भी बढ़ेगी।

सबका साथ-सबका विकास
प्रधानमंत्री ने कहा-हमारे लिए इतिहास और आस्था का मूल भाव है सबका साथ- सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास। आज राम मंदिर के रूप में नए भारत के गौरव का एक प्रकाशित स्तम्भ भी खड़ा हो रहा है। हमारी सोच होनी चाहिए इतिहास से सीखकर वर्तमान को सुधारने की, एक नया भविष्य बनाने की।

राम मंदिर का किया जिक्र
मोदी ने कहा- हमारे यहां जिन द्वादश ज्योतिर्लिंगों की स्थापना की गई है, उनकी शुरुआत सोमनाथ मंदिर से ही होती है। इस मंदिर को सैकड़ों सालों के इतिहास में कितनी ही बार तोड़ा गया, यहाँ की मूर्तियों को खंडित किया गया, इसका अस्तित्व मिटाने की हर कोशिश की गई। लेकिन इसे जितनी भी बार गिराया गया, ये उतनी ही बार उठ खड़ा हुआ।

सत्य को असत्य से हराया नहीं जा सकता है
सोमनाथ ऐसा स्थल है जिसे हजारों साल पहले हमारे ऋषियों ने ज्ञान का क्षेत्र बताया था। जो आज भी पूरे विश्व के सामने आह्वान कर रहा है कि सत्य को असत्य से हराया नहीं जा सकता, आस्था को आतंक से कुचला नहीं जा सकता। इसी तरह, हमारे चार धामों की व्यवस्था, हमारे शक्तिपीठों की संकल्पना, हमारे अलग अलग कोनों में अलग-अलग तीर्थों की स्थापना, हमारी आस्था की ये रूपरेखा वास्तव में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना की ही अभिव्यक्ति है।पश्चिम में सोमनाथ और नागेश्वर से लेकर पूरब में बैद्यनाथ तक, उत्तर में बाबा केदारनाथ से लेकर दक्षिण में भारत के अंतिम छोर पर विराजमान श्री रामेश्वर तक, ये 12 ज्योतिर्लिंग पूरे भारत को आपस में पिरोने का काम करते हैं।

टूरिज्म को बढ़ावा देने पर बोले मोदी
भारत ने 120 पर्वत चोटियों को ट्रेकिंग के लिए खोल दिया है। पर्यटकों को परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित करने के लिए गाइडों को प्रशिक्षित करने के कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। ई-वीजा व्यवस्था और आगमन पर वीजा को आगे बढ़ाया गया है और वीजा शुल्क भी कम किया गया है। पर्यटन में आतिथ्य पर जीएसटी को भी कम किया गया है। इन सभी ने इस क्षेत्र को लाभान्वित किया है और COVID के बाद के युग में इसके पुन: विकास में मदद करेगा।

इन प्रोजेक्ट्स की हुई शुरुआत
मोदी ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनमें सोमनाथ सैरगाह, सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और पुराने (जूना) सोमनाथ का पुनर्निर्मित मंदिर परिसर शामिल हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री पार्वती मंदिर की आधारशिला भी रखी गई। केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय पर्यटन मंत्री, गुजरात के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

जानिए प्रोजेक्ट्स की खूबियां 
सोमनाथ सैरगाह को ‘प्रसाद  (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, धरोहर संवर्धन अभियान) योजना’ के तहत 47 करोड़ रुपये से भी अधिक की कुल लागत से विकसित किया गया है। ‘पर्यटक सुविधा केंद्र’ के परिसर में विकसित सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र में पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित हिस्सों और पुराने सोमनाथ की नागर शैली की मंदिर वास्तुकला वाली मूर्तियों को दर्शाया जाता है।

पुराने (जूना) सोमनाथ के पुनर्निर्मित मंदिर परिसर को श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा 3.5 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ पूरा किया गया है। इस मंदिर को ‘अहिल्याबाई मंदिर’ के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसे इंदौर की रानी अहिल्याबाई द्वारा तब बनाया गया था, जब उन्होंने पाया कि पुराना मंदिर खंडहर में तब्‍दील हो गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए संपूर्ण पुराने मंदिर परिसर का समग्र रूप से पुनर्विकास किया गया है। श्री पार्वती मंदिर का निर्माण 30 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय से किया जाना प्रस्तावित है। इसमें सोमपुरा सलात शैली में मंदिर का निर्माण, गर्भ गृह और नृत्य मंडप का विकास करना शामिल होगा।

इससे पहले जुलाई में सौंपी थे कई प्रोजेक्ट्स
महीनेभर पहले मोदी ने गुजरात में कई नेशनल प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया था। इसमें रेलवे परियोजनाओं से लेकर नेचर पार्क समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया किया था। इनमें उनके पैतृक शहर वडनगर का रेलवे स्टेशन भी शामिल था। वहीं ‘AQUATICS & ROBOTICS GALLERY’ और गुजरात साइंस सिटी में ‘नेचर पार्क’ का भी उद्घाटन किया था।

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