राजस्थान को मिले 4 नए मेडिकल कॉलेज: PM बोले-'2014 तक 6 AIIMS थे, आज 22; हमने आत्मनिर्भरता का संकल्प लिया है'

Published : Sep 30, 2021, 09:11 AM ISTUpdated : Sep 30, 2021, 12:37 PM IST
राजस्थान को मिले 4 नए मेडिकल कॉलेज: PM बोले-'2014 तक 6 AIIMS थे, आज 22; हमने आत्मनिर्भरता का संकल्प लिया है'

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने आज राजस्थान को कई सौगातें दी हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर का उद्घाटन किया। साथ ही 4 मेडिकल कॉलेजों की नींव भी रखी।

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिपेट (CIPET): पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर(CIPET: Institute of Petrochemicals Technology, Jaipur) का उद्घाटन किया। मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा जिलों में चार नए मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि राजस्थान में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 2000 से अधिक छात्रों को इन मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।

राजस्थान में 23 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी
मोदी ने कहा-साल 2014 के बाद से 23 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र ने मंजूरी दी थी। इनमें से 7 काम करने लगे हैं और आज बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा में नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण की शुरुआत हुई हैं। आज से 20 साल पहले मुझे गुजरात में मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया। तब वहां भी स्वास्थ्य सेवाओं में एक चुनौती थी। हमने चुनौतियों को स्वीकारा और बदलने की कोशिश की। मेडिकल शिक्षा के मामले में बीते दो दशक के अथक प्रयासों से गुजरात ने मेडिकल सीटों में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री के रूप में देश के हेल्थ सेक्टर में मुझे जो कमियां अनुभव होती थी, बीते 6-7 वर्षों से उनको दूर करने की निरंतर कोशिश की जा रही है।

7 सालों में खुले 170 से अधिक मेडिकल कॉलेज
प्रधानमंत्री ने बताया-इन 6-7 सालों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज तैयार हो चुके हैं और 100 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज पर काम तेज़ी से चल रहा है। 2014 में देश में मेडिकल की अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की कुल सीटें 82 हजार के करीब थीं। आज इनकी संख्या बढ़कर 1 लाख 40 हजार सीट तक पहुंच रही है। चाहे एम्स हो, मेडिकल कॉलेज हो या फिर एम्स जैसे सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल हों, इनका नेटवर्क देश के कोने-कोने तक तेज़ी से फैलाना बहुत ज़रूरी है। आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि 6 एम्स से आगे बढ़कर आज भारत 22 से ज्यादा एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है।

महामारी ने चुनौतियां खड़ी की हैं
मोदी ने कहा-100 साल की सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया के हेल्थ सेक्टर के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी कर दी। हर देश अपने-अपने तरीके से इस संकट से निपटने में जुटा है, भारत ने इस आपदा में आत्मनिर्भरता, अपने सामर्थ्य में बढ़ोतरी का संकल्प लिया है।

आयुष्मान भारत की खूबियां गिनाईं
मोदी ने कहा-आयुष्मान भारत योजना से ही अभी तक राजस्थान के लगभग 3.50 लाख लोगों का मुफ्त इलाज हो चुका है। गांव, देहात में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने वाले लगभग 2,500 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर आज राजस्थान में काम करना शुरू कर चुके हैं। देश के स्वास्थ्य सेक्टर को ट्रांसफॉर्म करने के लिए हमने एक राष्ट्रीय अप्रोच, एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर काम किया। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर आयुष्मान भारत और अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तक, ऐसे अनेक प्रयास इसी का हिस्सा हैं।

मेडिकल में राजस्थान को मिला लाभ
मोदी ने कहा-मेडिकल education की इस तेज प्रगति का बहुत बड़ा लाभ राजस्थान को भी मिला है। राजस्थान में इस दौरान मेडिकल सीटों में दोगुनी से भी अधिक बढ़ोतरी हुई है। UG सीटें 2,000 से बढ़कर 4,000 से ज्यादा हुई हैं। PG सीटें राजस्थान में एक हजार से भी कम थी जो आज 2,100 तक पहुंच गई हैं।

वैक्सीनेशन पर बोले मोदी
केंद्र सरकार के सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन अभियान की सफलता इसी का प्रतिबिंब है। आज भारत में कोरोना वैक्सीन की 88 करोड़ से अधिक डोज लग चुकी है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी स्किल्ड मैनपावर का सीधा असर प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं पर होता है। इसे हमने इस कोरोना काल में औऱ ज्यादा महसूस किया है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी से भी मेडिकल की पढ़ाई
मोदी ने कहा-गांव और गरीब परिवारों से आने वाले युवाओं के लिए सिर्फ अंग्रेजी भाषा में मेडिकल और टेक्निकल एजुकेशन की पढ़ाई एक और बाधा रही है। अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में मेडिकल की पढ़ाई का भी मार्ग बना है। आज़ादी के इस अमृतकाल में उच्च स्तर का कौशल, न सिर्फ भारत की ताकत बढ़ाएगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।

पेट्रोकेमिकल की खूबियां बताईं
मोदी ने कहा-सबसे तेज़ी से विकसित हो रहे उद्योगों में से एक, पेट्रो-केमिकल इंडस्ट्री के लिए, स्किल्ड मैनपावर, आज की आवश्यकता है।

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जानिए क्या है खास...
इन मेडिकल कॉलेजों को ‘‘जिला / रेफरल अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना’’ के लिए केन्‍द्र-प्रायोजित योजना के तहत स्वीकृत किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना में पिछड़े एवं वांछित जिलों को प्राथमिकता दी जाती है। योजना के तीन चरणों के तहत, देश भर में 157 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है।

सिपेट के बारे में
राजस्थान सरकार के साथ, भारत सरकार ने सिपेट : पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्‍थान, जयपुर की स्थापना की है। यह आत्मनिर्भर है और पेट्रोरसायन तथा संबद्ध उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित है। यह युवाओं को कुशल तकनीकी पेशेवर बनने के लिए शिक्षा प्रदान करेगा।

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