नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में बजट में रक्षा आवंटन को बड़े पैमाने पर बढ़ाया है। 

नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मंगलवार को भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के 13,165 करोड़ रुपये के अधिग्रहण प्रस्तावों को प्रारंभिक मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 11,486 करोड़ रुपये की खरीद का 87 फीसदी घरेलू स्रोतों से होगा। प्रमुख खरीद में 3,850 करोड़ रुपये की लागत से 25 एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर खरीदे जाएंगे।

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इन सामानों की भी होगी सामग्री

मंजूरी मिलने के बाद इस धन से सशस्त्र बलों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए हेलीकाप्टरों, निर्देशित युद्ध सामग्री और रॉकेट गोला बारूद की खरीदी होगी।

मेक इन इंडिया को मिलेगा प्रोत्साहन

मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देते हुए, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 4,962 करोड़ रुपये की लागत से खरीदें श्रेणी के तहत टर्मिनली गाइडेड मुनिशन और एचईपीएफ/आरएचई रॉकेट गोला-बारूद की खरीद को मंजूरी दी है।

इसके अलावा, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2021 में संशोधन करने के लिए भी अपनी मंजूरी दे दी है जो उद्योग के लिए व्यापार करने में और आसानी सुनिश्चित करेगी और दक्षता में वृद्धि करेगी। नवीनतम स्वीकृतियों से सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और संचालन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।

मोदी सरकार ने बड़े पैमाने पर रक्षा बजट बढ़ाया

नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में बजट में रक्षा आवंटन को बड़े पैमाने पर बढ़ाया है। 2014 में 2.03 लाख करोड़ रुपये से, रक्षा आवंटन 4.78 लाख करोड़ कर दिया है। यह करीब 131 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

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