
नई दिल्ली. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन वर्चुअल माध्यम से 17 नवंबर को किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि इस बार सम्मेलन की थीम ‘वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और अभिनव विकास’ रहेगी। बता दें कि ब्रिक्स देशों के संगठन में पांच तेज गति से उभर रही अर्थव्यवस्थाओं वाले देश हैं। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
मंत्रालय ने इस संबंध में कहा कि 12वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ की पृष्ठभूमि में और कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच आयोजित किया जा रहा है। इसमें सदस्य देशों के नेता वैश्विक परिदृश्य के प्रमुख मुद्दों और आपसी सहयोग पर चर्चा करेंगे।
सीमा पर बना हुआ है गतिरोध
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में मई के महीने से ही गतिरोध बना हुआ। अब तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक से लेकर सैन्य स्तर तक कई दौर की बातचीत हुई है। लेकिन, सीमा पर सैन्य जमावड़ा कम नहीं हो रहा है। गलवान हिंसा के बाद दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास एक दूसरे के ऊपर न के बराबर रह गया है। ऐसे में लगातार इस बात के प्रयास किए जा रहे हैं कि सीमा पर तनाव कम किया जाए। लेकिन, तनाव का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वायुसेना प्रमुख ने बयान देते हुए कहा कि सीमा पर युद्ध के हालात हैं और न ही शांति के। वायुसेना प्रमुख ने टू फ्रंट वॉर की स्थिति में करारा जवाब देने की बात कही है। इन सबके बीच, अगर ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति आमने-सामने होंगे तो उम्मीद की जानी चाहिए कि तनाव कम करने में मदद मिलेगी।
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