
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने जैन समाज के पवित्र पर्यूषण पर्व की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जैन समाज में भाद्र मास में पर्यूषण पर्व के आखिरी दिन संवत्सरी का दिन होता है। संवत्सरी का पर्व क्षमा, अहिंसा और मैत्री का प्रतीक है। इसे एक प्रकार से क्षमा वाणी पर्व भी कहा जाता है। और इस दिन एक दूसरे को मिक्षामी दुक्कडम कहने की परंपरा है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि क्षमा वीरों का भूषण होता है। क्षमा करने वाला वीर होता है। यह तो हम सुनते ही आए हैं। महात्मा गांधी भी तो कहा करते थे कि क्षमा करने वाला सबसे ताकतवर व्यक्ति होता है।
उन्होंने कहा कि शेक्सपियर ने अपने नाटक मर्चेंट ऑफ वेनिस में क्षमा भाव के महत्व को बताते हुए लिखा था। क्षमा करने वाला और क्षमा जिसे किया गया, दोनों को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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