
Nyaya Yatra in 1987: भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब राहुल गांधी न्याय यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। इस न्याय यात्रा की चर्चा के साथ ही नरेंद्र मोदी की भी न्याय यात्रा एक बार सुर्खियों में है। पीएम मोदी, गुजरात बीजेपी महासचिव थे, तब राज्य में न्याय यात्रा किए थे। 1987 में निकाली गई न्याय यात्रा कांग्रेस सरकार के खिलाफ थी। गुजरात में नरेंद्र मोदी द्वारा निकाली गई न्याय यात्रा तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ थी। इस यात्रा से कांग्रेस की तत्कालीन सरकार के खिलाफ राज्य में माहौल बना था।
राहुल गांधी करेंगे 66 दिनों की न्याय यात्रा...
राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो न्याय यात्रा को 14 जनवरी को मणिपुर के इंफाल से शुरू किया जाएगा। यह न्याय यात्रा, भारत जोड़ो यात्रा का फेज टू है। हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर से विभिन्न जिलों से होते हुए यह यात्रा देश के 15 राज्यों को कवर करेगी। इस 66 दिनों की यात्रा के दौरान 6700 किलोमीटर की दूरी तय की जानी है। यह यात्रा 100 से अधिक लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। भारत जोड़ो न्याय यात्रा, महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में समाप्त होगी।
इन राज्यों से गुजरेगी यात्रा
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 14 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे इंफाल से शुरू होगी। यह मध्य भारत पहुंचने से पहले मणिपुर, नागालैंड, असम, अरुणांचल प्रदेश, मेघालय में भ्रमण के बाद बंगाल जाएगी। हालांकि, इस बार यह यात्रा पैदल के साथ साथ बसों से भी होगी। यात्रा के कुछ हिस्सों में बसों का इस्तेमाल किया जाएगा। कांग्रेस के सीनियर लीडर जयराम रमेश ने कहा कि हम इंडिया के सभी दलों के नेताओं, उनके समर्थकों, आम जनता और गैर सरकारी संगठनों को यात्रा में भाग लेने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन सभी विपक्षी दलों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को भी आमंत्रित किया गया है।
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