
गुजरात दौरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी गुरुवार (22 फरवरी) को गुजरात के दौरे पर पहुंचे। देश के पीएम नरेंद्र मोदी महेसाणा के वारीनाथ महादेव मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रोड शो में भाग लिया और महेसाणा के तारभ में एक सार्वजनिक समारोह में लोगों को संबोधिति किया। उनको देखने के लिए लगभग हजारों- लाख लोगो का हुजूम उमड़ा। इस दौरान उनको भगवान हनुमान की मूर्ति भेट की गई। इसके अलावा स्टेज पर मौजूद लोगों ने उनका स्वागत शॉल पहना कर किया गया।
इससे पहले पीएम मोदी ने यात्रा के दौरान सहकार सम्मेलन में 1200 करोड़ रुपये की पांच नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। सहकार सम्मेलन में पनीर, आइसक्रीम और चॉकलेट प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। बता दें कि आज गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ स्थापना के पूरे 50 साल होने का जश्न मना रहा है। इस दौरान मोदी ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के संबोधन में कहा कि 50 साल पहले गुजरात के गांवों ने जो पौधा लगाया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन गया है। उन्होंने डबल इंजन के सरकार की तारीफ में कहा कि इसका फायदा उठाते हुए गुजरात सहकारी दुग्ध उत्पादन में आगे है।
पीएम मोदी ने गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ को स्वर्ण जंयती के मौके पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 2 दशकों में राज्य में दुग्ध निगमों की संख्या दोगुनी होकर 12 से 23 हो गई है। वहीं डेयर उद्योग से 36 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं, जिनमें 11 लाख महिलाएं शामिल हैं।
दुनिया में डेयरी सेक्टर में भारत आगे
पीएम मोदी ने गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (GCMMF) के स्वर्ण जयंती समारोह में भाषण देते हुए कहा कि देश को 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में डेयरी उद्योग ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। आज हम दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश है। इस डेयरी सेक्टर से भारत के करीब 8 करोड़ लोग सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। भारत में पिछले 10 साल में ही दूध उत्पादन के क्षेत्र में 60 फीसदी की बढ़ोतरी की है। एक तरफ जहां दुनिया में डेयरी सेक्टर 2 फीसदी के दर से बढ़ रहा है, वहीं भारत में डेयर सेक्टर 6 फीसदी के दर से बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुरुवार का कार्यक्रम
देश को समर्पित करेंगे 2 न्यूक्लियर पावर प्लांट
प्रधानमंत्री काकरापार परमाणु ऊर्जा स्टेशन (KAPS) यूनिट 3 और यूनिट 4 में दो नए दबावयुक्त भारी पानी रिएक्टर (PHWR) देश को समर्पित करेंगे, जिसे 22,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (NPCIL) द्वारा बनाया गया है। KAPS-3 और KAPS-4 परियोजनाओं की संचयी क्षमता 1400 (700*2) मेगावाट है। ये सबसे बड़े स्वदेशी PHWR हैं।
ये अपनी तरह के पहले रिएक्टर हैं और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रिएक्टरों की तुलना में उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से युक्त हैं। ये दोनों रिएक्टर प्रति वर्ष लगभग 10.4 बिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेंगे और गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी, छत्तीसगढ़, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव जैसे कई राज्यों के उपभोक्ताओं को लाभान्वित करेंगे।
प्रधानमंत्री का अन्य कार्यक्रम
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