
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के साथ भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन का उद्घाटन किया। भारत और बांग्लादेश की बीच बनी यह पहली एनर्जी पाइपलाइन है। इसे तैयार करने में 377 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
बांग्लादेश में बने पाइपलाइन के हिस्से पर करीब 285 करोड़ रुपए लागत आई है। यह खर्च अनुदान सहायता के तहत भारत सरकार ने उठाया है। इस पाइपलाइन की मदद से हर साल एक मिलियन मिट्रिक टन हाई-स्पीड डीजल बांग्लादेश भेजा जा सकता है। इसकी सप्लाई उत्तरी बांग्लादेश के सात जिलों में होगी।
कम खर्च में होगी डीजल सप्लाई
भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशीप पाइपलाइन से हाई स्पीड डीजल की भारत से बांग्लादेश को सप्लाई कम खर्च और पर्यावरण अनुकूल तरीके से होगी। इससे बिना किसी बाधा के पूरे साल डीजल की सप्लाई होगी। इसके साथ ही पाइपलाइन से भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
पीएम ने किया ग्लोबल मिलेट्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर में आयोजित ग्लोबल मिलेट्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल हो रहे 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। बता दें कि मिलेट्स मोटा अनाज को कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से ज्वार, बाजरा, रागी और कोदो जैसे अनाज शामिल हैं।
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मिलेट्स को सुपर फूड माना जाता है। स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने के साथ ही इन्हें कम खर्च में उगाया जा सकता है। इसकी फसल को उर्वरकों और कीटनाशकों की कम जरूरत होती है। भारत सरकार के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर घोषित किया है।
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