Nyoma Airbase: अक्टूबर में पीएम मोदी करेंगे देश के सबसे ऊंचे हवाईअड्डे का उद्घाटन, जानें खासियत

Published : Aug 24, 2025, 10:50 AM IST
Nyoma Airbase

सार

Nyoma Airbase प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर 2025 के दूसरे सप्ताह में न्योमा, पूर्वी लद्दाख में बने नए मडह एयरफील्ड का उद्घाटन कर सकते हैं। यह एयरफील्ड भारत का सबसे ऊंचा एयरफील्ड बनकर तैयार होने जा रहा है।

Nyoma Airbase: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर 2025 के दूसरे सप्ताह में पूर्वी लद्दाख के न्योमा में बने नए मडह एयरफील्ड का उद्घाटन कर सकते हैं। इस एयरफील्ड 13,700 फीट की ऊंचाई पर बना है। यह चीन की सीमा से केवल 30 किलोमीटर और लेह से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। ये बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने बनाया है। बता दें कि यह एयरफील्ड भारत का सबसे ऊंचा और दुनिया का पांचवां सबसे ऊंचा एयरफील्ड होगा। रक्षा सूत्रों के अनुसार, एयरफील्ड पूरी तरह तैयार है और प्रधानमंत्री अक्टूबर में इसका उद्घाटन करेंगे।

इस इलाके में मजबूत होगा सैन्य ताकत

न्योमा एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड भारत की सैन्य ताकत को इस संवेदनशील इलाके में और मजबूत करेगा। यह एयरफील्ड ऊंचाई पर बना है और इसे सभी तरह के फाइटर जेट और भारी विमान उड़ाने के लिए तैयार किया गया है। एलएसी के पास होने के कारण किसी भी आपात स्थिति में सैनिकों और सैन्य उपकरणों को जल्दी भेजा जा सकता है। बता दें कि इस एयरफील्ड को तीन साल से भी कम समय में तैयार किया गया है। इसमें बिना पायलट वाले ड्रोन, रोटरी-व्हील विमान, फिक्स्ड-विंग विमान, भारी परिवहन विमान जैसे C-17 Globemaster III और फाइटर जेट्स जैसे Sukhoi-30MKI उड़ सकते हैं।

2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रखी थी नींव

विशेषज्ञों के अनुसार, न्योमा एयरफील्ड भारतीय वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और लॉजिस्टिक केंद्र होगा। इससे क्षेत्र में सेना की मौजूदगी तेज और लंबे समय तक बनी रहेगी। सितंबर 2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ₹218 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की वर्चुअल नींव रखी थी। उन्होंने कहा था कि यह एयरबेस सशस्त्र बलों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। इस प्रोजेक्ट को 2021 में मंजूरी दी गई थी।

1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद न्योमा एयरस्ट्रिप कई दशकों तक बंद रही। इसे 2009 में फिर से सक्रिय किया गया जब भारतीय वायु सेना का विमान AN-32 पहली बार यहां उतरा। 2020 में भारत-चीन सीमा पर जब तनाव बढ़ा, तब भारतीय वायु सेना ने अपने परिवहन विमान C-130J, AN-32 और हेलिकॉप्टर Apache व Chinook का इस्तेमाल न्योमा से आगे तैनात सैनिकों को समर्थन देने के लिए किया।

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नागरिकों की सुविधा में भी होगा सहायक

लद्दाख का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। यहां पाकिस्तान के साथ LoC और चीन के साथ LAC है। इसे लेह स्थित फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स देखता है। सियाचिन, द्रास और कारगिल जैसी जगहें भी इस कॉर्प्स के जिम्मे आती हैं। न्योमा एयरबेस के चालू होने के बाद यह न सिर्फ सैनिकों की मदद करेगा बल्कि नागरिकों की सुविधा में भी सहायक होगा।

 

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