
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, इजरायल के पीएम यायर लापिड और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ I2U2 के पहले वर्चुअल शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। बैठक में चारों देशों के नेताओं ने संयुक्त आर्थिक परियोजनाओं पर चर्चा की। इससे I2U2 के सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। I2U2 चार देशों का समूह है। इसमें I का मतलब इंडिया और इजरायल है। वहीं, U का मतलब अमेरिका और यूएई है।
ऊर्जा और खाद्य संकट पर हुई बात
I2U2 की बैठक में यूक्रेन और रूस के बीच चल रही लड़ाई, वैश्विक खाद्य और ऊर्जा संकट पर भी बात हुई। सम्मेलन करीब शाम चार बजे शुरू हुआ। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेताओं ने I2U2 के ढांचे के भीतर संभावित संयुक्त परियोजनाओं के साथ-साथ पारस्परिक हित के अन्य सामान्य क्षेत्रों पर चर्चा की ताकि हमारे संबंधित क्षेत्रों और उससे आगे व्यापार और निवेश में आर्थिक साझेदारी को मजबूत किया जा सके।
क्या है 12U2 का मकसद?
बता दें कि I2U2 समूह की अवधारणा पिछले साल 18 अक्टूबर को आयोजित चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में तीनों देशों में से प्रत्येक के साथ भारत के द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध मजबूत हुए हैं। 12U2 का उद्देश्य पानी, एनर्जी, ट्रांसपोर्टेशन, स्पेस, हेल्थ और फूड सिक्योरिटी जैसे 6 पारस्परिक रूप से पहचाने गए क्षेत्रों में मिलकर इन्वेस्ट और प्रोत्साहित करना है।
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यह इन्फ्रास्ट्रक्चर के मार्डनाइजेशन, इंडस्ट्रीज के लिए लो कार्बन डेवलपमेंट पाथवे, पब्लिक हेल्थ में सुधार और महत्वपूर्ण रूप से ग्रीन टेक्नोलॉजी के विकास को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए प्राइवेट सेक्टर से इन्वेस्ट और विशेषज्ञता जुटाने का इरादा रखता है।
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