
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टनल (Uttarkashi tunnel rescue operation) से निकाले गए मजदूरों से फोन पर बात की। उन्होंने सभी से हालचाल पूछा। पीएम ने 17 दिनों तक कठिन स्थिति में हिम्मत बनाए रखने के लिए मजदूरों की तारीफ की। पीएम लगातार इस बचाव अभियान पर नजर रख रहे थे। वह उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से सुबह शाम बचाव अभियान के बारे में जानकारी लेते थे। पीएम ऑफिस के अधिकारी भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे थे।
पीएम बोले- केदारनाथ बाबा की कृपा रही
पीएम ने कहा, "सबसे पहले मैं आप सभी को बधाई देता हूं। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मैं इसे शब्दों में नहीं बता सकता। कुछ भी बुरा हो जाता तो कैसे संभाल पाते कहना कठिन था। ये केदारनाथ बाबा, बद्रीनाथ भगवान की कृपा रही कि सभी सकुशल बाहर आए हैं। 17 दिन समय कम नहीं होता, आप लोगों ने बहुत बड़ी हिम्मत दिखाई। आपने एक-दूसरे का हौसला बनाए रखा। मैं लगातार जानकारी लेते रहता था,लेकिन जानकारियों से चिंता तो कम होती नहीं।"
गब्बर सिंह को दी खास बधाई
बातचीत के दौरान पीएम ने गब्बर सिंह नेगी को खास बधाई दी। उन्होंने कहा, "गब्बर सिंह मैं तुम्हें तो विशेषरूप से बधाई देता हूं। मुझे रोज की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री बताते थे कि आप दोनों ने जो नेतृत्व किया मुझे लगता है कि कभी कोई यूनिवर्सिटी को केस स्टडी तैयार करना पड़ेगा कि गब्बर सिंह नेगी गांव का व्यक्ति उसमें कौन सी लीडरशिप क्वालिटी है जिसने संकट के समय लोगों को संभाला। लोकल होने के चलते आप सभी को बातें समझा भी पा रहे थे।"
नरेंद्र मोदी ने कहा- आप लोगों की हिम्मत आने वाले दिनों में लोगों को प्रेरणा देगी
बिहार के सोनू कुमार से बात करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपलोगों ने जो हिम्मत दिखाई है वह आने वाले दिनों में लोगों को प्रेरणा देगी। सोनू ने कहा कि सुरंग में हमलोग एक परिवार की तरह रहे, एक साथ खाना खाए। एनडीआरएफ के जवान अंदर घुसे तो जान में जान आई।
भावुक कर देने वाली है रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता
41 मजदूरों को बाहर निकाले जाने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।"
पीएम ने लिखा, “यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है। मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।”
17 दिन बाद सिल्कयारा सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूर आए बाहर
सिल्कयारा सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूरों को मंगलवार की रात बाहर निकाला गया। वे 17 दिनों तक सुरंग में फंसे रहे। निर्माणाधीन सुरंग के एक हिस्से के धंसने से मजदूर अंदर फंस गए थे। बचाव अभियान के अंतिम चरण में रैट-होल माइनर्स को लगाया गया था। उन्होंने मलबे में मैन्युअल ड्रिलिंग की सुरंग में 800 मिमी के पाइप डाले। ये सभी श्रमिक उत्तराखंड, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और हिमाचल प्रदेश से हैं।
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