
सोमनाथ(गुजरात). ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) फिर से सोमनाथ मंदिर पर भड़काने वाला बयान देकर हिंदुओं के निशाने पर आ गए हैं। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे सोमनाथ मंदिर को लेकर अभद्र टिप्पणी करते देखे-सुने गए हैं। पढ़िए डिटेल्स...
सोमनाथ मंदिर पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना साजिश रशीदी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। सोमनाथ ट्रस्ट के जनरल मैनेज वी चावड़ा ने कहा-"हमने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का एक वीडियो देखा जिसमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। उनके इस बयान से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। हमने सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से शिकायत दर्ज कराया है।"
रशीदी ने जनवरी में न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में भड़काने वाला बयान दिया था कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को नहीं तोड़ा था, बल्कि वहां चल रहीं अनैतिक गतिविधियों को बंद कराया था। रशीदी ने कहा कि गजनवी को पता चला था कि मंदिर के अंदर आस्था और हिंदू देवताओं के नाम पर अनैतिक काम हो रहे हैं। इन तथ्यों को परखने के बाद ही उसने मंदिर पर हमला किया था।
इस मामले में पुलिस ने रशीदी के खिलाफ प्रभास पाटन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (धर्म, जाति, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण कार्य) के तहत FIR दर्ज की है। एसपी मनोहरसिंह जडेजा ने मीडिया से इस बात की पुष्टि की है।
मौलाना साजिद रशीदी पहले भी गैर जिम्मेदाराना और भड़काने वाले बयान दे चुके हैं। राम मंदिर को लेकर भी बयान देकर वे आलोचना का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने बयान दिया था कि इस देश का इतिहास लिखा जाएगा। उस हिस्ट्री की बुनियाद पर हमारी आने वाली नस्लें राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाएंगी। उनके इस बयान का हिंदू संगठनों ने पुरजोर विरोध किया था।
दरअसल, दिसंबर, 2022 में एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था-हमारी आने वाली पीढी के सामने 50-100 वर्षों में ऐसा इतिहास सामने आएगा कि जैसे आज हमारी मस्जिद तोड़कर वहां मंदिर का निर्माण किया गया। वैसे ही हो सकता है उस समय कोई मुसलमान शासनकर्ता व मुसलमान न्यायाधीश होगा।
उत्तर प्रदेश में निजी मदरसों के सर्वे कराए जाने के योगी सरकार के फैसले पर भी मौलाना साजिश रशीदी ने विवादित बयान दिया था। रशीदी ने कहा था कि वे मदरसों से अपील करते हैं कि नोटिस लेकर आने वाले सर्वे टीम का वे स्वागत 'चप्पल-जूते' से करें। वे सर्वे टीम को 2009 का कानून भी दिखाएं। मौलाना के इस बयान की यूपी सरकार के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा कड़ी आलोचना की थी।
गुजरात दंगे मामले में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के पीएम मोदी पर दिए बयान का रशीदी ने अवश्य विरोध किया था। रशीदी ने कहा था कि पाकिस्तान में रोज मस्जिदों और मजारों में ब्लास्ट हो रहे हैं। जिहाद के नाम पर वो जो कर रहे हैं, वह पूरी तरह से निंदनीय है। भारत में मुस्लिमों की हालत अन्य मुस्लिम देशों के मुकाबले काफी बेहतर है। यहां मुसलमान सरकार के खिलाफ बोल सकते हैं, संविधान उन्हें बोलने की इजाजत देता है।
असम में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रही व्यापक मुहिम के तहत पुलिस ने 8,000 आरोपियों की लिस्ट तैयार की है। सरकार के इस कदम पर रशीदी ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि असम में मुसलमानों को खत्म करने की साजिश हो रही है।
यह भी पढ़ें
50000 लोग 'सोमनाथ' में हाथ जोड़े खड़े थे, कर दिए गए कत्ल, पढ़िए 1026 से 2020 तक मंदिर का रहस्य
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.