Published : Feb 14, 2023, 06:00 AM ISTUpdated : Feb 14, 2023, 11:47 AM IST
नई दिल्ली। चार साल पहले 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Attack) में आतंकियों ने भारतीय सेना के एक काफिले पर हमला किया था, जिससे 40 जवानों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने हवाई हमला कर बदला लिया था।
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने दावा किया है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु जंग की स्थिति बन गई थी। दूसरी ओर बालाकोट एयर स्ट्राइक के चलते आतंकी इतने डर गए थे कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नेतृत्व करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा था।
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पुलवामा हमले के वक्त श्रीनगर में 15 कोर की कमान संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) केजेएस ढिल्लन ने बताया था कि आतंकी हमला पाकिस्तानी नागरिक कामरान के नेतृत्व वाले मॉड्यूल द्वारा किया गया था। हमले के 100 घंटे के अंदर भी भारत के सुरक्षा बलों ने मॉड्यूल को खत्म कर दिया था।
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पुलवामा हमले के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, “मैं आतंकी संगठनों को और उनके आकाओं को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। बहुत बड़ी कीमत उनको चुकानी पड़ेगी।”
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पुलवामा हमले के 13 दिन बाद इंडियन एयर फोर्स ने 26-27 फरवरी, 2019 की रात 12 मिराज 2000 विमानों से LOC से 80km अंदर पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी ठिकाने पर हवाई हमला किया था। इस हमले में 350 से अधिक आतंकी मारे गए थे।
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14 फरवरी, 2019 को CRPF के लगभग 2500 जवान करीब 78 गाड़ियों में सवार होकर जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे। जवानों का काफिला जम्मू कश्मीर हाईवे पर अवंतिपोरा इलाके में पहुंचा तो करीब 3.15 बजे 350kg विस्फोटक से भरी कार जवानों से भरी बस से टकरा दी गई थी। इसके बाद हुए जोरदार धमाके में बस में सवार 40 जवानों की मौत हो गई थी।
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