
नई दिल्ली. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि वह नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि यह विधेयक भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर सीधा हमला है। बिल के विरोध में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कपिल सिब्बल इस मामले में पैरवी कर सकते हैं।
125 मतों के साथ राज्यसभा में हुआ था पास
संसद ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया। विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े, जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। बता दें कि लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
नागरिकता संशोधन विधेयक पर पीएम मोदी ने कहा, "मैं असम के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि उन्हें इस बिल के पास होने पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोई भी आपकी पहचान, अधिकार और संस्कृति के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। यह फलती-फूलती रहेगी।"
गुवाहाटी में लगाया गया है कर्फ्यू
नागरिकता बिल के पास होने के बाद सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन असम में हो रहा है। गुवाहाटी में राज्य सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है, जो गुरुवार रात 7 बजे तक जारी रहेगा। असम में छात्र संगठनों की अगुवाई में चल रहे प्रदर्शन में काफी तोड़फोड़ की गई थी। इसके साथ ही सरकारर ने बुधवार देर शाम सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दिया है।
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