
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र (Parliament Budget sussion) में राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब में मोदी सरकार को घेरने पर राहुल गांधी (Rahul gandhi) बुरी तरह घिरे हैं। चीन-पाकिस्तान को करीब लाने में मोदी की नीतियों को जिम्मेदार बताने पर कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री नटवर सिंह तक ने उनका समर्थन नहीं किया।अब अमीरों को लेकर दिए गए बयान पर राहुल घिर रहे हैं।
दो वीडियो, दोनों में बदल गए कंटेंट
दरअसल, राहुल के दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें एक वीडियो में वे कहते नजर आ रहे हैं कि देश के 100 लोगों के पास हिंदुस्तान के 40 प्रतिशत से ज्यादा लोगों से अधिक पैसा है। राहुल का यह वीडियो किसी सभा का है। इसमें वे मोदी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि यह सब मोदी सरकार की नीतियों के कारण हुआ है। सरकार चंद लोगों के लिए काम कर रही है, लेकिन देश की बाकी जनता को दरकिनार कर रही है। इसी तरह का आरोप राहुल संसद में भी लगा रहे हैं। लेकिन संसद में उनके आरोपों में कंटेंट बदल जाता है। संसद में राहुल गांधी कह रहे हैं कि 10 लोगों के पास 40 फीसदी हिंदुस्तान से ज्यादा धन है।
यूजर बोले - ऐसे नेताओं की पोर्किस्तान-चीन में भारी कमी
राहुल के इन वीडियो पर लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने राहुल के दोनों वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कभी 10 बोलता है, कभी 100, रोज नई कहानियां लेकर आता है। इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक अन्य यूजर ने कहा कि यह विदेश से पढ़कर आए हैं, शायद इसीलिए इन्हें 10 और 100 में अंतर नहीं पता है। एक अन्य यूजर ने कहा कि ऐसे नेताओं की पोर्किस्तान-चीन आदि देशों में बहुत कमी है। भारत मे खांग्रेसी% गद्दारों की कमी नहीं है, यहीं से एक्सपोर्ट करना चाहिए।
मोदी विरोध के लिए देश को खोखला कर रहे राहुल, भाजपा प्रवक्ता ने चीन- पाक को लेकर याद दिलाईं कांग्रेस की नीतियां
राहुल ने कहा था - अर्थव्यवस्था में A A वैरिएंट फैला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाधी ने बुधवार को संसद में कहा था कि हमारी यूपीए की सरकार ने दस साल के भीतर 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला था और इस (मोदी सरकार) सरकार ने 23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया। मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी से असंगठित क्षेत्र को खत्म कर दिया, जिससे अब दो हिंदुस्तान बन गए हैं। गरीबों का भारत और अमीरों का भारत। राहुल गांधी ने अंबानी और अडानी को देश का सबसे बड़ा मोनोपोलिस्ट बताते हुए कहा कि दोनों उद्योगपति कोरोना वायरस के वैरिएंट (डेल्टा और ओमिकोन) की तरह ही डबल-ए (AA) वैरिएंट हैं। उन्होंने कहा कि ये वैरिएंट देश की अर्थव्यवस्था को चपेट में रहा है। मोदी सरकार ने अडाणी को हिंदुस्तान के सभी बंदरगाह, हवाई अड्डे, खदानें, बिजली कारखाने दे दिए हैं, तो पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम, रिटेल और ई-कॉमर्स अंबानी के हाथों में है। इसीलिए देश के बाकी लोगों के हाथ कुछ नहीं लग रहा।
यह भी पढ़ें राहुल गांधी के चीन-पाकिस्तान वाले बयान पर अमेरिका ने दी प्रतिक्रिया, कहा- नहीं करते इसका समर्थन
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.