
नई दिल्ली। किसानों और पेगासस कई मुद्दों पर संसद का घेराव करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोशल मीडिया पर भीड़ जुटाने को लेकर ट्रोल हो रहे हैं। यूजर कह रहे कि कोविड-19 पर एक जिम्मेदार व्यक्ति की तरह ज्ञान देने वाले राहुल गांधी खुद ही आज अपना ज्ञान भूल गए।
यूजर्स ने लिखा है कि संसद के पास भारी भीड़ की वजह से लोग ट्रैफिक जाम से परेशान हैं। कोविड-19 का भी डर उनके मन में है लेकिन राजनीतिक दल को इससे कोई लेना देना नहीं है।
एक यूजर ने लिखा है कि कांवड़ यात्रा या कुंभ मेला पर कोविड-19 का अंदेशा जताने वाले लोग या पत्रकार अब इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। पीएम मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तो सब बरसते रहे हैं लेकिन इस भीड़ पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। आखिर एकतरफा विरोध क्यों।
कई यूजर्स ने लिखा है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए केवल आम आदमी बाध्य है, राजनेताओं, बड़े दलों, विधायक-सांसदों के लिए कोरोना नहीं है।
रेप पीडि़ता मासूम की पहचान उजागर करने पर भी ट्रोल
एक दिन पहले राहुल गांधी एक रेप पीडि़ता मासूम की पहचान उजागर करने को लेकर ट्रोल हुए थे। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने ट्वीटर को नोटिस भेजकर कार्रवाई की बात कहते हुए राहुल गांधी के पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया था। आरोप था कि राहुल गांधी ने रेप पीडि़ता बच्ची के माता-पिता का फोटो ट्वीटर पर डालकर कानून का उल्लंघन किया है।
जासूसी कांड, कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहा
दरअसल, संसद का मानसून सत्र चल रहा है। राहुल गांधी केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर लगातार घेर रहे हैं। एक दिन संसद में वह ट्र्रैक्टर चलाकर पहुंचे थे तथा किसानों के कृषि कानूनों पर चल रहे विरोध का समर्थन किया था। तीन कृषि कानूनों को लेकर पिछले एक साल से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिन पहले वह साइकिल से संसद पहुंच महंगाई व अन्य मुद्दों पर विरोध दर्ज कराए थे। पेगासस जासूसी कांड को लेकर भी सरकार को विपक्षी दल लगातार हमला बोले हुए हैं।
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