
चेन्नई. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्या के दोष में सजा भुगत रहे आरोपियों में शामिल नलिनी श्रीहरन को पैरोल पर छोड़ दिया गया है। हाईकोर्ट से 30 दिन की परोल मिली थी, जिसके बाद गुरुवार को वह जेल से रिहा किया। नलिनी ने अपनी बेटी की शादी की तैयारी के लिए मद्रास हाईकोर्ट से 6 महीने की परोल की मांगी थी।
1991 से जेल में बंद है, उम्रकैद की सजा भुगत रही नलिनी
उम्रकैद की सजा भुगत रहीं नलिनी काफी लंबे समय से जेल में बंद है। उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट से रिहाई की मांग की थी। जिसके बाद 5 जुलाई को कोर्ट ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। उन्हें 30 दिन की पैरोल मिली है। नलिनी ने कोर्ट में कहा था- हर दोषी दो साल की सजा के बाद एक महीने की छुट्टी का हकदार होता है। उसने पिछले 27 साल में एक बार भी छुट्टी नहीं ली है। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट नलिनी की एक याचिका खारिज कर चुका है, जिसमें नलिनी ने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से दोषियों को रिहा करने के निर्देश देने की मांग की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिये थे, कि वह राज्यपाल को कार्रवाई करने के निर्देश नहीं दे सकता।
बता दें, चेन्नई के पास एक चुनावी रैली में राजीव गांधी से मिलने के दौरान लिट्टे संगठन की महिला ने अपने आप को मानव बम से उड़ा लिया था। जिसमें राजीव गांधी की मृत्यु हो गई थी। मामले में सभी 7 दोषी 1991 से जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे है। दोषियों में पेरारीवलन, मुरुगन, नलिनी, शांतन, रविचंद्रन, जयकुमार और रॉबर्ट पायस शामिल हैं।
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