
राजकोट। गुजरात के राजकोट में गेमिंग जोन में शनिवार देर रात हुए हादसे में 30 लोगों की जान चली गई है। इसमें 12 से अधिक बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अभी मलबा हटाने और रेस्क्यू कार्य चल रहा है। ऐसे में फिलहाल मलबे से निकाले गए शवों की पहचान नहीं हो सकी है। बॉडी पूरी तरह से जल जाने के कारण शव की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अब डीएनए कलेक्ट किया जा रहा है ताकि जले शवों की पहचान की जा सके।
चीख पुकार से गूंज उठा था इलाका
राजकोट के गेमिंग जोन में अचानक फैली आग से चीख पुकार मच गई थी। गेमिंग जोन से कई लोग बाहर की ओर भागे थे लेकिन बड़ी संख्या में लोग उसमें फंसे रह गए। तेज लपटों के बीच बच्चों और लोगों की चीखें स्थानीय लोगों के दिमाग से जा नहीं पा रही हैं।
रिश्तेदारों से कलेक्ट किए डीएनए सैंपल
एसीपी विनायक ने कहा कि शव पहचाने नहीं जा सके हैं। हमने शवों और उन पर दावा करने वाले रिश्तेदारों के डीएनए सैंपल कलेक्ट कर लिए हैं ताकि मृतकों की पहचान की जा सके। सैंपल की जांच के लिए हवाई मार्ग से जामनगर लेबोरेटरी ले जाया गया है। डीएन सैंपल की जांच के बाद शवों की पहचान पर उन्होंने मृतकों के परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
गेमिंग जोन का मालिक और मैनेजर गिरफ्तार
अधिकारियों के मुताबिक गेमिंग जोन के मालिक और मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने रविवार सुबह नाना-मावा रोड स्थित घटना स्थल और अस्पताल का दौरा किया जहां घायलों को भर्ती कराया गया था। उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर घायलों को अच्छे से अच्छा ट्रीटमेंट देने की बात कही। उन्होंने घायलों के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
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