Galwan clash के बाद पहली बार भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों ने की बात, राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा- अच्छे संबंध रखने हैं तो सीमा पर होनी चाहिए शांति

Published : Apr 27, 2023, 07:39 PM ISTUpdated : Apr 27, 2023, 08:09 PM IST
Rajnath Singh

सार

गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प (Galwan clash) के बाद पहली बार दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत हुई है। चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू SCO की बैठक में शामिल होने दिल्ली आए हैं।

नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने गुरुवार को चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू (General Li Shangfu) से मुलाकात की। ली शांगफू SCO (Shanghai Cooperation Organisation) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने दिल्ली आए हैं। SCO की साइड लाइन पर राजनाथ सिंह और ली शांगफू ने बातचीत की। इस दौरान राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा कि भारत से चीन को अच्छे संबंध रखने हैं तो सीमा पर शांति कायम रखनी होगी।

रक्षा मंत्रालय ने बैठक के बाद बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि दोनों मंत्रियों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर चर्चा की। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से बताया कि भारत और चीन के संबंध कैसे रहेंगे यह इस बात पर निर्भर करता है कि सीमा पर शांति रहती है या नहीं। सीमा विवाद को मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रतिबद्धताओं के अनुसार हल किया जाना चाहिए। मौजूदा समझौतों के उल्लंघन ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे आधार को नष्ट कर दिया है।

कजाकिस्तान, ईरान और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्रियों से मिले राजनाथ सिंह
2020 में लद्दाख के गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना के बाद पहली बार भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच बात हुई है। इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने कजाकिस्तान, ईरान और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं। SCO के रक्षा मंत्रियों की बैठक 28 अप्रैल को होगी। इस दौरान सदस्य देश रक्षा संबंधी मुद्दों और आपसी हित के अन्य मामलों पर चर्चा करेंगे।

भारत-चीन के बीच चल रहा सीमा विवाद
गलवान झड़प के बाद भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के चलते तनाव बढ़ा हुआ है। पिछले साल अरुणाचल प्रदेश के तवांग में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद से सीमा पर भारी संख्या में जवानों को तैनात किया गया है। भारत और चीन बातचीत से तनाव कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। रविवार को भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 18वीं राउंड की बैठक हुई थी। इसमें दोनों देश निकट संपर्क में रहने और पूर्वी लद्दाख में "शेष मुद्दों" के लिए जल्द से जल्द पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने पर सहमत हुए थे।

यह भी पढ़ें- भारत-चीन संबंध: नई दिल्ली क्यों पहुंचे चाइनीज डिफेंस मिनिस्टर ली शांगफू, 10 देशों के रक्षा मंत्रियों का क्या है मेन एजेंडा?

5 मई 2020 को गलवान में हुई थी झड़प
5 मई 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा के पैंगोंग झील क्षेत्र के गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारत ने साफ कहा है कि सीमा पर शांति के बिना चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

24 जनवरी की 7 बड़ी खबरें: ट्रंप का टैरिफ अल्टीमेटम, T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो सकता है PAK, मौनी रॉय से बदसलूकी
ज्ञान पोस्ट क्या है? क्या डाक सेवा सच में भारत के बच्चों की पढ़ाई बदल सकती है?