
नई दिल्ली. देश के नामी वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमर चल रहे थे। अपने जीवन में कई बड़े केस जीतने वाले जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। जेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके हैं।
मोदी को ही देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए-जेठमलानी
जब जेठमलानी से पूछा गया था कि मोदी को ही देश का प्रधानमंत्री क्यों बनना चाहिए। तब उन्होंने कहा था कि, "हमें आज देश के लिए ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए, जो ईमानदार हो, जिसमें पैसे की लालच न हो। रिश्वतखोरी का इल्जाम न हो। कोई भी ऊंगली न उठा सके। मेरे हिसाब से मोदी ही वह शख्स हैं।"
बता दें कि राम जेठमलानी का जन्म भारत के शिकारपुर में जो हुआ था, जो आजकल पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में है। उनके पिता का नाम भूलचन्द गुरुमुखदास जेठमलानी था। राम के नाम में पिता का नाम भी आता है। उनका पूरा नाम रामभूलचन्द जेठमलानी था। आगे चलकर लोग उन्हें राम जेठमलानी के नाम से जानने लगे।
13 साल की उम्र में मैट्रिक पास किया
स्कूल के दिनों में उन्होंने दो-दो क्लास एक साल में पास कर लिया। इसी कारण उन्होंने 13 साल की उम्र में मैट्रिक पास कर लिया। 17 साल की उम्र में ही एलएलबी की डिग्री हासिल कर ली थी। उस समय वकालत की प्रैक्टिस करने के लिये 21 साल की उम्र जरूरी थी मगर जेठमलानी के लिये एक विशेष प्रस्ताव पास करके 18 साल की उम्र में प्रैक्टिस करने की मंजूरी दी गयी थी। बाद में उन्होंने एससी साहनी लॉ कॉलेज कराची से एलएलएम किया।
18 साल की उम्र में हुई शादी
18 साल की उम्र में जेठमलानी की दुर्गा नाम की लड़की से शादी कर दी गई। उन्होंने 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से कुछ ही समय पहले रत्ना साहनी नाम की एक महिला वकील से दूसरी शादी कर ली। जेठमलानी के परिवार में उनकी दोनों पत्नियों से चार बच्चे हैं।
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