
नई दिल्ली [भारत], 30 जून (ANI): कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम अयोध्या में राम मंदिर के चंदे में हुए कथित गबन पर चुप हैं। रमेश ने इसे "देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था पर सीधा हमला" बताया।
उनका यह बयान इस मामले में राजनीतिक विवाद के एक नए मोड़ के बाद आया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने आरोप लगाया कि मंगलवार को जब वह एक पार्टी प्रतिनिधिमंडल के साथ अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा करने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
AICC के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आगे आरोप लगाया कि मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट का गठन उचित प्रक्रिया के बिना किया गया था और इसे सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया था।
रमेश ने एक्स पर कहा, "श्रीराम मंदिर में लूट पर पीएम मोदी की चुप्पी देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था पर सीधा आघात है। मोदी सरकार ने ट्रस्ट का गठन बिना किसी पारदर्शी मानदंड या जन-परामर्श के किया, RSS के लोगों को इसमें जगह दी। फिर पूरे ट्रस्ट को RTI से बाहर भी कर दिया। मोदी जी, चुप्पी तोड़िए।"
श्रीराम मंदिर में लूट पर पीएम मोदी की चुप्पी देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था पर सीधा आघात है। मोदी सरकार ने ट्रस्ट का गठन बिना किसी पारदर्शी मानदंड या जन-परामर्श के किया, RSS के लोगों को इसमें जगह दी। फिर पूरे ट्रस्ट को RTI से बाहर भी कर दिया। मोदी जी, चुप्पी तोड़िए। https://t.co/amTskz043k — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 30, 2026
इससे पहले अजय राय ने एक्स पर एक पोस्ट में उत्तर प्रदेश सरकार को "चढ़ावा चोर" कहा था।
राय ने दावा किया कि अयोध्या पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें उनके होटल से गिरफ्तार कर लिया। इस घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस नेता ने इसे भाजपा की तानाशाही की "पराकाष्ठा" बताया।
राय ने कहा, "भाजपा सरकार की तानाशाही चरम पर है! उत्तर प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज, 30 जून को पूजा-अर्चना करने और भगवान श्री राम का आशीर्वाद लेने के लिए अयोध्या आने वाला था। जैसे ही मैं अयोध्या पहुंचा, भाजपा सरकार इतनी घबरा गई कि पुलिस ने मुझे मेरे होटल से गिरफ्तार कर लिया और अपनी जीप में ले जा रही है। अयोध्या में जमीन घोटाले और चंदे की चोरी में शामिल ये 'चढ़ावा चोर' यहां आने वाले राम भक्तों से इतना क्यों डरते हैं? भगवान के नाम पर दुकान चलाने वालों द्वारा आस्था की रक्षा करने का यह कायरतापूर्ण प्रयास बेहद निंदनीय है। हम न रुकेंगे, न झुकेंगे!"
इस बीच, राज्य कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि राय के साथ अयोध्या जा रहे पार्टी के प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष नीरज त्रिपाठी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पार्टी ने कहा कि भक्तों को भगवान राम की पूजा करने से रोकना "असंवैधानिक" है और सभी कांग्रेस नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
सोमवार को अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने कथित चंदा घोटाले के सभी आठ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत का यह फैसला श्री राम जन्मभूमि मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं और धन व चढ़ावे के दुरुपयोग की रिपोर्टों पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई गहन जांच के बाद आया है।
इस बीच, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने राम मंदिर चंदे के कथित गबन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया।
सूत्रों ने सोमवार को बताया कि इसके बाद, मंदिर चंदे के कथित गबन के मामले में चल रही जांच के हिस्से के रूप में पुलिस ने यहां राय का बयान दर्ज किया।
यह अयोध्या में राम मंदिर में मिले चंदे के कथित गबन के संबंध में 25 जून को पहली सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज किए जाने के बाद हुआ।
इस मामले ने उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल मंदिर के वित्त के प्रबंधन को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जबकि विशेष जांच दल (SIT) की जांच जारी है। (ANI)
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