
RSS letter fact check: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का मुस्लिम लड़कियों के धर्मांतरण के टारगेट का एक लेटर वायरल हो रहा है। लेटर में दस लाख मुस्लिम लड़कियों के धर्मांतरण का लक्ष्य रखने संबंधी टारगेट दिया गया है और इसके लिए युवाओं को ट्रेनिंग देने की भी बात कही गई है। लेटर में कहा गया है कि मुस्लिम लड़कियों को पटाने के लिए 15 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। लेटर के वायरल होते ही संघ के सीनियर नेताओं ने इस फेक लेटर के संबंध में बयान जारी किया है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पत्र को फर्जी करार देते हुए इसे शरारती तत्वों की सुनियोजित साजिश बताया है।
क्या है लिखा आरएसएस के कथित फेक लेटर में...
संघ के नाम से जारी किए गए फेक लेटर में मुस्लिम लड़कियों को पटाने के लिए हिंदू युवाओं के 15 दिनों की ट्रेनिंग कराए जाने की बात कही गई है। लेटर संघ प्रमुख मोहन भागवत की ओर से जारी करने का दावा किया गया है। बताया गया है कि कैसे संघ 10 लाख मुस्लिम लड़कियों को हिंदू धर्म में वापसी का प्लान बना रहा है। लेटर में प्वाइंट्स में यह समझाया गया है कि कैसे किसी मुस्लिम लड़की को कोई युवक अपने झांसे में ले और उससे शादी करे। किस तरह उसका धर्मांतरण कराए।
संघ ने कहा-फेक लेटर जारी कर बदनाम करने की कोशिश
आरएसएस के सीनियर लीडर सुनील आंबेकर ने कहा कि आरएसएस ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है। संघ ऐसी ओछी हरकतों में विश्वास नहीं करता है। वह सभी वर्गों में निस्वार्थ भाव से काम करते हुए समाज के दबे-कुचले और शोषित वर्ग के उत्थान में सहयोग करता है। वह समाज के अंतिम पायदान वाले व्यक्ति के लिए काम करता है। भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्पित संघ कभी किसी दूसरे धर्म के प्रति ऐसी भावना नहीं रखता है।
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