
नई दिल्ली। दिल्ली के राउज आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच रिपोर्ट में एमसीडी, अग्निशमन विभाग के साथ कोचिंग सेंटर की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना के लिए तीनों दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग सेंटर ने बेसमेंट का किया गलत प्रयोग
राजस्व मंत्री को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि राउज आईएएस कोचिंग सेंटर के मालिक और प्रबंधन ने अभ्यर्थियों की जान की परवाह किए बिना बेसमेंट में लाइब्रेरी बनाकर स्थान का दुरुपयोग किया। मैनेजमेंट आपराधिक लापरवाही का जिम्मेदार है। बेसमेंट बनी लाइब्रेरी में एक ही छोटा इंट्रेंस और एक्जिट का रास्ता था जो किसी भी हादसे के दौरान अभ्यर्थियों के सुरक्षित निकलने के लिए पर्याप्त नहीं था।
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जांच रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा
मजेस्ट्रेटी जांच में ये पता चला है कि कोचिंग की बिल्डिंग में नियमों की अनदेखी की गई है। इस कोचिंग सेंटर को पहले भी एमसीडी और फायर डिपार्टमेंट के अफसरों ने देखा था लेकिन कोई सख्त कदम नहीं उठाया। जांच में पता चला है कि जिस बिल्डिंग में कोचिंग चल रही थी उसके व्यायसायिक प्रयोग की परमीशन थी। इसके लिए किसी फायर एनओसी की जरूरत तो नहीं होती लेकिन यहां कोचिंग सेंटर चलना था और इसकी ऊंचाई भी नौ मीटर से अधिक थी। इसलिए फायर ब्रिगेड को जांच करनी चाहिए थी।
एमसीडी और फायर डिपार्टमेंट ने नहीं निभाई जिम्मेदारी
दिल्ली कोचिंग सेंटर में हुई घटना के लिए एमसीडी और फायर डिपार्टमेंट भी उतनी ही जिम्मेदार है। दोनों ने विभागीय निरीक्षण में लापरवाही से काम लिया। नियमों के उल्लंघन के बाद भी कोचिंग सेंटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। यदि विभाग ने अपने काम के प्रति सजगता दिखाई होती तो शायद हादसा न होता।
बीते 27 जुलाई को दिल्ली के राजेंद्र नगर में बारिश के बाद राउस आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बनी लाईब्रेरी में पानी भर जाने से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी।
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