
मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में आए भूचाल के बाद उलटफेर के हीरो बने एनसीपी के नेता अजित पवार चर्चाओं में हैं। शुकवार रात 8 बजे तक शिवसेना और कांग्रेस संग मीटिंग करते रहे और सुबह बीजेपी के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। शिवसेना नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि अजित पवार ईडी से डरे हुए हैं। जिसके बाद से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार और अजित पवार के नाम पर दर्ज बैंक घोटाले का केस एक बार चर्चा में आ गया है। जिसमें शरद पवार और अजीत पवार पर एक हजार करोड़ के घोटाले का आरोप है। साथ ही इस मामले की जांच ईडी द्वारा की जा रही है। जिसमें केंद्रीय एजेंसी द्वारा धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के तुल्य मानी जाने वाली प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाला मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, उनके भतीजे और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार व अन्य के खिलाफ धनशोधन का आपराधिक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह घोटाला करीब 25 हजार करोड़ का बताया जा रहा है।
यह है पूरा मामला
घोटाले के संबंध में की गई शिकायत में राकांपा नेता और शरद पवार के भतीजे अजित के अलावा पार्टी नेता हसन मुश्रीफ और कांग्रेस नेता मधुकर चव्हाण के अलावा बैंक के अलग-अलग जिलों की शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के भी नाम हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि 2007 से 2011 के बीच बैंक को करीब एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। मामले को लेकर नाबार्ड और महाराष्ट्र सहकारिता विभाग की ओर से दायर की गई रिपोर्ट में बैंक को हुए नुकसान के लिए अजित पवार और बैंक के दूसरे निदेशकों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
अन्ना ने दी क्लीन चीट
बैंक घोटाले में नाम आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजार ने पवार को क्लीन चिट दे दी थी। अन्ना ने कहा था कि मैंने जो सबूत दिए हैं उसमें पवार का नाम नहीं है। अन्ना ने ये भी कहा कि ईडी ने किस आधार पर उनका नाम लिया है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। हालांकि मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी है उन पर कार्रवाई हो।
चुनाव से ऐन पहले दर्ज किया गया केस
यह मामला ऐसा समय दर्ज किया गया है जब महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि आरोपियों को एजेंसी द्वारा जल्द ही उनके बयान दर्ज करने के लिये समन किया जाएगा। ईडी मामले में आरोपियों में दिलीपराव देशमुख, इशरलाल जैन, जयंत पाटिल, शिवाजी राव, आनंद राव अदसुल, राजेंद्र शिंगाने और मदन पाटिल शामिल हैं। राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर इस साल अगस्त में मुंबई पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी। मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने धनशोधन के आरोप में आपराधिक आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, एक जनवरी 2007 से 31 मार्च 2017 के बीच हुए महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले के कारण सरकारी खजाने को कथित तौर पर 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
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