
नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine war) के बीच 24 फरवरी से जारी जंग में भारत मध्यस्थ बन सकता है। यह बात अब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को कही। लावरोव भारत दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में भारत दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर सकता है। वह शुक्रवार को दिल्ली में थे। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से कई मुद्दों पर बातचीत की।
भारत पर अमेरिकी दबाव के सवाल पर लावरोव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि यह दबाव साझेदारी को प्रभावित नहीं करता है। उन्होंने का कि अमेरिका दूसरों को मजबूर कर रहा है। लावरोव ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध नहीं हो रहा, बल्कि यह एक विशेष अभियान है। हम सिर्फ सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले कर रहे हैं।
जयशंकर ने कहा- युद्ध खत्म कर कूटनीतिक हल निकालें
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव आज शाम प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। लावरोव 31 मार्च से 1 अप्रैल तक भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। जयशंकर ने वार्ता के लिए रूसी विदेश मंत्री से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने व्यापार और आर्थिक संबंधों पर हाल के घटनाक्रमों के प्रभावों पर विचार किया। दोनों मंत्रियों ने यूक्रेन के घटनाक्रम पर भी चर्चा की। लावरोव ने रूस के दृष्टिकोण और वार्ता की जानकारी भारत को दी, जबकि जयशंकर ने हिंसा और दुश्मनी खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतभेदों और विवादों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से और अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संप्रभुता और राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान से हल किया जाना चाहिए।
इजराइल के पीएम के जरिये बन सकता है सुलह का फॉर्मूला
रूस के विदेशी मंत्री की भारत यात्रा के बाद इजराइल के पीएम नफ्ताली बेनेट भी भारत आ रहे हैं। बेनेट भी पीएम मोदी से बात करेंगे। उनसे बातचीत के बाद पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir putin)और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दीमिर जेलेंस्की से बात करेंगे। माना जा रहा है कि यह दोनों देशों के युद्ध को समाप्त करने की कवायद का बड़ा हिस्सा है। रूसी विदेश मंत्री ने भारत की मध्यस्थता की बात कहकर इसकी पुष्टि कर दी है।
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भारत की मध्यस्थता इसलिए अहम
रूस और भारत के बीच रिश्ते काफी अच्छे हैं। उधर, अमेरिका से भी भारत के संबध बेहतर हैं। बाइडेन यूक्रेन के साथ खड़े हैं। ऐसे में भारत ऐसा देश है, जिसके दोनों देशों के साथ संपर्क हैं। अमेरिका इजरायल का सबसे करीबी है, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दीमिर जेलेंस्की यहूदी हैं। इजरायल भी यहूदियों का देश है, इसलिए यह संबंध अलग काम करेंगे।
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